डिजीटाइलेशन के चलते अब केबल के जरिए टीवी चैनलों का आनंद उठाने वाले उपभोक्ताओं के लिए सेटटॉप बॉक्स लगाना जरूरी हो गया है। 31 दिसंबर तक सभी उपभोक्ताओं को सेटटॉप बॉक्स लगाने की अनिवार्यता है, जिसके लिए मुख्यालय में इन दिनों युद्ध स्तर पर सेटटॉप बॉक्स लगाने का कार्य किया जा रहा है। डिजीटल केबल होने से दर्शकों तक न केवल साफ तस्वीर और आवाज पहुंचेगी, बल्कि टीवी चैनल की संख्या भी दो सौ से अधिक हो जाएगी।
वर्तमान में केबल ऑपरेटरों की ओर से 17 सौ से 22 सौ रुपये में सेटटॉप बॉक्स लगाए जा रहे हैं। अधिकांश उपभोक्ता परेशानी से बचने के लिए अपने केबल आपरेटर से ही सेटटॉप बॉक्स लगा रहे हैं। हल्द्वानी की एजाइल ब्राडबैंड केबल नेटवर्क ने चंपावत जिला मुख्यालय तक अपनी ओएफसी पहुंचा दी है। अल्ट्रा केबल के स्वामी नवल जोशी और राजेंद्र बोहरा ने बताया कि चंपावत में डिजीटल केबल बिछा दी गई है।
डिजीटल केबल चलाने को एयरटेल कंपनी से करार किया गया है, जिसका केंद्र चंपावत जिला मुख्यालय बनाया गया है। अब तक चंपावत में केबल के जरिए 60 चैनल दिखाए जा रहे थे, जिनकी संख्या डिजीटल होने के बाद 200 को पार कर गई है। इसके अलावा डिजीटल होने के बाद 16 एचडी (हाई डेफिनेशन) चैनल भी दिखाए जा रहे हैं।
बत्ती गुल होने पर भी चलते रहेगा केबल
दर्शक अब चौबीस घंटे केबल पर चैनल देख सकेंगे। बत्ती गुल होने पर भी केबल लगातार चलता रहेगा। इसके लिए जेनरेटर चौबीस घंटे खुले रहेंगे। बिना किसी रुकावट के चैनल देखते रहने के लिए शर्त सिर्फ इतनी कि उपभोक्ता के पास बिजली सुविधा होनी जरूरी होगी।