लोहाघाट में उर्स के समापन मौके पर कव्वाली करते लोग। संवाद
लोहाघाट (चंपावत)। हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल हजरत कालू सैयद बाबा की मजार पर उर्स कुल शरीफ के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान देर शाम तक पिथौरागढ़ के कव्वालों ने बाबा की शान पर बेहतरीन कलाम प्रस्तुत किए।
रविवार को वक्फ बोर्ड के सदर और मुतवल्ली बाबा हसमत की मौजूदगी में कालू सैयद बाबा की मजार पर उर्स का समापन हुआ। इससे पूर्व शनिवार रात को पिथौरागढ़ के कव्वाल सलमान कादरी की टीम ने दमादम मस्त कलंदर, अली दा पहला नंबर... मैं हूं बाबा का दिवाना, मुझे कोई गम नहीं.....भर दे झोली मेरी या मोहम्मद, लौट के मैं न जाऊंगा खाली... आदि कई कलाम पेश किए। उर्स में लोहाघाट, चंपावत, जौलजीबी, पिथौरागढ़, धारचूला, टनकपुर, खटीमा, पीलीभीत आदि जगह से जायरीन पहुंचे थे। बाबा हसमत ने बताया कि कालू सैयद बाबा की मजार पर लगने वाले सालाना उर्स में हर वर्ग के लोग सहयोग करते आए हैं। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष भगीरथ भट्ट, योगेश चतुर्वेदी, बल्लू माहरा, जावेद यारखां, नाजिश हुसैन, जहीर कुरैशी, जहीर, नजर सिद्दीकी, जावेद जौली, चुन्ने कुरैशी आदि मौजूद थे।