सैकड़ों एकड़ में खड़ी धान की फसल चौपट
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लधियाघाटी क्षेत्र में पिछले तीन चार दिनों से चक्रवाती प्रभाव के चलते यहां सैकड़ों एकड़ भूमि में खड़ी धान की फसल चौपट हो गई है।
इस वर्ष धान की खेती के लिए अच्छी बरसात होने से उम्दा पैदावार की आशा की जा रही थी, लेकिन प्रकृति ने उनके अरमानों में पानी फेर दिया है। रीठा सेरा में 50 एकड़, गागरी में 30 एकड़, चिमियोली, चौड़ा मेहता में 50-50 एकड़, कुलियालगांव में 20 एकड़, मछियाड़, परेवा और मंगललेख में भी 40 एकड़ भूमि में खड़ी धान की फसल बर्बाद हो चुकी है।
जिला कृषि अधिकारी हरवंश का कहना है कि चक्रवाती प्रभाव से धान की खड़ी फसल बर्बाद हुई है। इसका विभागीय तौर पर सर्वेक्षण कराने के बाद इसकी जानकारी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी (एआइसी) को दी जाएगी। कंपनी की ओर से सर्वेक्षण किए जाने के बाद शत प्रतिशत नुकसान पाया जाता है तो कंपनी 740 रुपये प्रति नाली की दर से मुआवजे का भुगतान करेगी।
चक्रवाती प्रभाव में चक्रवात की तरह तेज वर्षा हवा के साथ गोला बनकर बरसती है। इसी के साथ खड़ी फसलें खेतों में पलटने से बर्बाद हो जाती हैं। धान की खेती में बालों में दूध आने पर नुकसान अधिक होता है।
- हरवंश सिंह, जिला कृषि अधिकारी, चंपावत