पंचमुखी महादेव धर्मशाला की भूमि को लेकर जिला पंचायत और धर्मशाला कमेटी के बीच उपजा विवाद बढ़ता जा रहा है। अब धर्मशाला कमेटी ने दावा किया है कि जिस भूमि पर धर्मशाला का भवन बना है वह जिला पंचायत की नहीं है। धर्मशाला का भवन पंचमुखी महादेव मंदिर की भूमि पर बनाया गया है। जिला पंचायत से लीज पर ली गई भूमि पर कोई निर्माण नहीं किया गया है।
जिला पंचायत की भूमि (जिस पर खोड़ था) की लीज खत्म होने के बाद भूमि को लेकर जिला पंचायत और पंचमुखी धर्मशाला कमेटी के बीच विवाद खड़ा हुआ है। जिला पंचायत जहां भूमि से कब्जा वापस लेकर खुद ही धर्मशाला का संचालन करना चाह रही है, वहीं धर्मशाला कमेटी भूमि की लीज का नवीनीकरण चाह रही है। बीते दिवस जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी और धर्मशाला कमेटी के बीच उपजे विवाद के बाद जिला पंचायत अब कानूनी तरीके से अपनी भूमि वापस लेने की कार्रवाई में जुट गई है। पंचायत का कहना है कि लीज की शर्तों का उल्लंघन कर पक्का भवन बनाया गया है। इधर, धर्मशाला कमेटी के अध्यक्ष मदन मोहन अग्रवाल का कहना है कि जिस भूमि पर धर्मशाला भवन बना है वह पंचमुखी महादेव मंदिर की है जो एक भूमिधरी में दर्ज है।
जिला पंचायत से लीज पर ली गई भूमि का प्रयोग वाहन पार्किंग और आवाजाही के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार सोसायटी में पंजीकृत समिति द्वारा विधिक रूप से धर्मशाला का संचालन किया जा रहा है। जिला पंचायत द्वारा गैर कानूनी तरीके से धर्मशाला पर कब्जे की कोशिश निंदनीय है।