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टनकपुर में शारदा और धारचूला में काली से बाढ़ का खतरा रूकने की जागी उम्मीद

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टनकपुर (चंपावत)। एफएमबीएपी योजना (फ्लड मैनेजमेंट एंड बार्डर एरिया प्रोग्राम) के तहत चंपावत और पिथौरागढ़ जिले के धारचूला विकास खंड में काली और शारदा से बाढ़ सुरक्षा के कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। इसके लिए सिंचाई विभाग ने करीब 162.33 करोड़ रुपये लागत की सात योजनाओं का प्रस्ताव शासन को भेजा हैं। प्रस्ताव शासन की ओर से जीएफसीसी (गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग) को भेजा जाएगा।
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सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता की ओर से मुख्य सचिव (सिंचाई) को भेजे गए प्रस्ताव में टनकपुर शारदा से खेतखेड़ा की ओर कटाव रोकने के लिए 25.46 करोड़, सैलानीगोठ की ओर कटाव रोकने को 22.62 करोड़ की योजना प्रस्ताव है। इसके अलावा पिथौरागढ़ जिले के धारचूला विकास खंड क्षेत्र में नेपाल सीमा से लगे खैतिला गांव में काली नदी से दो स्थानों पर कटाव रोकने को 59.92 करोड़, गलाती में कुमाऊं स्काउट बटालियन परिसर की सुरक्षा को 10.58 करोड़, कुमाऊं स्काउट्स फैमिली परिसर तल्लाहाट और मल्लाहाट की सुरक्षा को 18.52 करोड़, धारचूला में नयाबस्ती सीपूमल्ला और कालिका गांव की सुरक्षा को 12.61 करोड़ और घाटी बगड़ गांव की सुरक्षा के लिए 12.62 करोड़ की योजना के प्रस्ताव शामिल हैं। सिंचाई विभाग के एसडीओ डीसी कांडपाल ने बताया कि योजनाओं की मंजूरी और वित्तपोषित कराने को प्रस्ताव उत्तराखंड सरकार की ओर से जीएफसीसी (गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग) पटना को भेजा जाएगा। संवाद
कोट.....
2013 की आपदा के बाद से खेतखेड़ा और सैलानीगोठ में बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए सिंचाई विभाग के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। मेरा प्रयास है कि गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग इन योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति दें और क्षेत्र में बाढ़ का खतरा दूर हो सके। - कैलाश गहतोड़ी, विधायक चंपावत।
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