वसंत पंचमी पर कलश कला संगीत समिति के तत्वावधान में शनिवार देर रात तक बैठकी होली की धूम मची। यहां खड़ी बाजार में कारोबारी प्रकाश पांडेय के आवास पर हुई होली का श्रीगणेश ‘सब दु:ख दूर करो हे गणपति, हे विघ्नविनाशक’, ‘आयो नवल वसंत सखी रितुराज कहाये, आयो नवल बसंत, पुष्पकली सब फूलन लागी, फूलहिं फूल सुहाये। कामिनी के मन मंजरी फूलै उन बिच श्याम सुहाये’ से किया गया।
आचार्य उमापति जोशी ने होली पेश की-आज सदाशिव खेलेंगे होरी, जटा जूट में गंगा बिराजे, अंग विभूति रमोरी। दिनेश बिष्ट ने कहा-बहुत दिनन के रूठे पिया को मना लाऊंगी, वृंदावन की कुंज गलिन से, गोदी में उठा लाऊंगी रूठे पिया को। भगवत साह ने श्याम ने मोरी सुध बिसराई, अभी न आये द्वारिका छाये, मो सन रार मचाई होली गीत से माहौल को कृष्णमय कर दिया। प्रकाश पांडेय ने कहा-ये कैसी होरी खेलाई, यह कैसी होरी खेलाई। श्याम तुम बड़े हरजाई, तुम बड़े हरजाई। कमलेश राय ने ये होली पेश की-नमो गंगो तरंगे पाप हारी, सदा जय हो-सदा जय हो तुम्हारी।
तुलसी दत्त जोशी ने कहा-अबके खेलो साधो ऐसी होरी, जा से मिटी जाये जनम-मरण की फेरी होली पेश की। बैठकी होली में अवनीश वर्मा, अशोक पंत आदि मौजूद थे।