लोहाघाट (चंपावत)। गुमदेश के प्रसिद्ध चैतोला मेले के समापन के बाद मड़ गांव के सिद्ध मंदिर में खड़ी होली का गायन हुआ। इस दौरान लोगों ने देर रात तक होली का गायन कर मेले के शांतिपूर्वक ढंग से निपटने की खुशी जताई। मेला कमेटी के अध्यक्ष पंडित शंकर दत्त पांडेय ने बताया कि चैतौला मेला संपन्न होने के बाद हमेशा परंपरा को निभाते हुए गुमदेश क्षेत्र के लोग रात को खड़ी होली का गायन करते हैं।
बताया गया कि मेला संपन्न होने के बाद रात के समय होली का गायन कर एक दूसरे पर अबीर गुलाल लगाकर भाईचारे का संदेश देते हैं। उन्होंने ऐसो दानी राजा हरिश्चंद, सब दान दियों मुनियन को, दध लूटो नंद के लाल प्यारे मोहनियां, कैसी चातुर नार श्रवण मारो छ और उन्होंने ढुस्का गायन में कपुवा बासो जैठ न्योली बासो बारो मास आदि का गायन किया। इस मौके पर जगत सिंह धामी, मान सिंह, माधो सिंह, दान सिंह, रघुवर सिंह, नारायण सिंह, लक्ष्मण सिंह, महेश पांडेय, कुंदन धौनी, शांति देवी, ज्योति पांडेय, गीता धौनी, कविता देवी, पार्वती देवी आदि मौजूद थे। ब्यूरो