चंपावत। चाय विकास बोर्ड को वर्ष 2024 में जून में सबसे अधिक 1,21,900 लाख रुपये की आय हुई है। बोर्ड को पांच माह में चाय बागान से 2,64,350 रुपये की आय हुई है। चाय बागान की 240 हेक्टेयर में 375 काश्तकारों और वन पंचायत की भूमि है।
इन बागानों में स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिला है। बोर्ड ने चाय की 35,991 किग्रा हरी पत्तियों से 7,919 किग्रा चाय तैयार की है। इसमें 273.40 किग्रा चाय स्थानीय स्तर पर बेची गई है।
अप्रैल से अगस्त तक चाय का वितरण (किलो में)
माह कुल हरी पत्ती तैयार चाय स्थानीय स्तर पर बिक्री चाय से हुई आय (रुपये में )
अप्रैल 6,151 (किलो) 1,403 (किलो) 36.95 (किलो) 32,875
मई 5,506 1,265 68.60 59,600
जून 1,177 264 119.50 1,21,900
जुलाई 12,403 2706 28.15 28,625
अगस्त 10754 2281 20.20 21350
कुल 35991 7919 273.40 2,64,350
(नोटः चाय चाय विकास बोर्ड सूत्रों के मुताबिक शेष चाय स्टोर में है। इसे बाहरी राज्यों या विदेश को भेजा जाएगा।)
कोट
जिले में चाय के 69 छोटे- छोटे बागान हैं। जिले के चाय बागान पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी बने हैं। इस वर्ष अप्रैल से अगस्त तक 7,919 किलो चाय से दो लाख से अधिक की आय हुई है।- राकेश कुमार, प्रबंधक उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड, चंपावत।