चंपावत जिले के दो राजकीय इंटर कॉलेजों के भवनों की हालत बेहद जर्जर है। करीब पांच से छह दशक पुराने इन भवनों के अधिकांश कमरे बेहद जीर्णशीर्ण होने के कारण भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। लोक निर्माण विभाग ने अपनी रिपोर्ट में खतरे की इस आहट को बताया है। रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी पुरोहित ने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व खंड शिक्षा अधिकारियों को मरम्मत से लेकर नए भवन के आगणन तैयार कराने और जरूरी सुरक्षागत कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
लोनिवि लोहाघाट खंड के अधिशासी अभियंता बीसी पंत और चंपावत खंड के ईई डीडी भट्ट द्वारा तैयार रिपोर्ट के मुताबिक लोहाघाट व टनकपुर जीआईसी भवन की हालत खतरनाक है। 1959 में निर्मित लोहाघाट जीआईसी भवन के अधिकांश कमरे जीर्णशीर्ण हाल में है। इसकी दिवारों में चौड़ी दरारें पड़ी हैं। खिड़की-दरवाजों की चौखट सड़ी-गली है। रंगाई-पुताई नहीं होने से कई स्थानों पर प्लास्टर भी जर्जर हालत में है। लोहाघाट के भवन की मरम्मत के लिए 30 से 40 लाख रुपये की जरूरत बताई गई है।
कमोबेश इसी तरह के हाल टनकपुर राधे हरि राजकीय इंटर कॉलेज भवन के भी हैं। लोनिवि ने भवन को खतरनाक बताते हुए यह पत्र डीएम, सीडीओ व सीईओ को भेजा है। इस पत्र के मिलने के बाद अब सीईओ आरसी पुरोहित ने चंपावत व लोहाघाट के खंड शिक्षा अधिकारियों व दोनों राजकीय इंटर कॉलजों के प्रधानाचार्यों को छात्रों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी उपाय करने की हिदायत दी है। साथ ही भवन की मरम्मत और नए भवन के लिए आगणन तैयार कराने को भी कहा गया है। सीईओ ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाए। जर्जर कमरों के स्थान पर ठीकठाक कमरों में पढ़ाई की व्यवस्था कराने को कहा गया है।