उधर, खटीमा क्षेत्र में अंधड़ के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। किसानों की लहलहाती धान एवं गन्ने की फसल डूबने के साथ ही पानी में गिरकर सड़ने लगी है। भारतीय किसान यूनियन ब्लॉक अध्यक्ष गुरुसेवक सिंह ने डीएम को संबोधित पत्र एसडीएम निर्मला बिष्ट को सौंपा और मुआवजे की मांग की है।
वहीं, वर्ष 1948 में लगाया आम का पेड़ मंगलवार रात आए तूफान में धराशायी हो गया। क्षेत्र में 24 घंटों के दौरान 118 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, 11 हजार वोल्टेज की लाइन में पहेनिया और जमौर के पास इंसुलेटर पंक्चर होने से कई गांवों की बिजली छह घंटे तक गुल हो गई। इधर, शांतिपुरी के जवाहरनगर क्षेत्र में भी बारिश से धान की खड़ी फसल जमीन पर पसर गई है। अल्मोड़ा में सिकुड़ा बैंड पर स्थित पार्किंग में पहाड़ी का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। इससे आसपास के घर भी हिल गए।