दांतों को लेकर लापरवाही बेहद आम है। और यही उपेक्षा स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। चंपावत जिले में दांतों के रोगियों की तादात लगातार बढ़ रही है। इसकी चपेट में कम उम्र के लोग भी आ रहे हैं। शारीरिक स्वास्थ्य की बुनियाद होने के बावजूद दांतों की सेहत को लेकर जागरूकता का स्तर नगण्य है। यहां तक कि सोने से पूर्व दांत साफ करना 90 प्रतिशत से अधिक लोगों की दिनचर्या का हिस्सा नहीं है।
चंपावत क्षेत्र में दांत का दर्द बड़ा सिरदर्द बनते जा रहा है। क्षेत्र की करीब 9 हजार की आबादी में करीब 40 प्रतिशत लोग दांतों के किसी न किसी रोग से पीड़ित हैं। जिला अस्पताल के दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. शोभित तिवारी का कहना है कि बुजुर्गों या अधेड़ उम्र ही नहीं, किशोरों में भी दांतों की बीमारी पनप रही है। पहाड़ में दांत में कीड़े लगना और दांतों का घिसना खासा आम है। लेकिन इसको लेकर शिविर लगाए जाने के बावजूद जागरूकता का स्तर बेहतर नहीं हो सका है। यहां तक कि रात को सोने से पूर्व दांत साफ करना आदत में शुमार नहीं है।
डॉ.तिवारी का कहना है कि भोजन को चबाने से लेकर पाचन क्रिया को सुचारु रखने में दांतों की अहम भूमिका है। पाचन क्रिया ठीक नहीं होने से अनेकों तरह के रोगों के चपेट में आने के खतरे बढ़ जाते हैं। ऐसे में दांतों के सेहत मंद रहे बगैर शारीरिक स्वास्थ्य संभव नहीं है। साथ ही सेहत मंद दांत शारीरिक सौंदर्य में इजाफा भी करते हैं।
चंपावत में है बेहतरीन दंत यूनिट
जिला अस्पताल में दिसंबर 2017 से शानदार दंत यूनिट स्थापित की गई है। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी का कहना है कि इस यूनिट में डेंटल चेयर और एक मोबाइल डेंटल चेयर सहित सभी जरूरी उपकरण हैं। इसके अलावा जल्द ही एक और आधुनिक डेंटल चेयर भी इस यूनिट में होगी। दंत यूनिट से अब यहां एक्सरे के अलावा दांतों की फीलिंग, मसाला भरना, सफाई आदि की सुविधा मिल रही है। दंत रोग विशेषज्ञ डॉ.शोभित तिवारी का कहना है कि इस साल के पहले तीन महीनों में 997 लोगों के दांत का इलाज हुआ। जिसमें 201 एक्सरे, 291 लोगों के दांत निकाले गए और 29 के दांतों को भरा गया।
ये सावधानियां बरतें
दांतों को मजबूत करने के लिए रात को सोने से पूर्व दांतों की सफाई के अलावा खीरा, सेव, नाशपाती, हरी सब्जियां, प्रोटीन व कैल्शियम का नियमित रूप से सेवन जरूरी है। चॉकलेट, बहुत ठंडे या बहुत गर्म पेय पदार्थों से बचना चाहिए। तंबाकू, धूम्रपान भी दांतों के लिए नुकसानदायक है। दांतों में किसी भी तरह की दिक्कत होने में शुरुआती अवस्था में इलाज कराया जाना जरूरी है।