खुली बोली से व्यवस्थाओं के ठेके नीलाम करने समेत बीस सूत्री मांगों को लेकर नगर पालिका गेट पर आमरण अनशन पर बैठे सभासद दीपक बेलवाल दूसरे दिन भी अनशन पर डटे रहे। उनके स्वास्थ्य में गिरावट आने लगी है। इधर 24 घंटे बाद भी न तो नगर पालिका और न ही स्थानीय प्रशासन ने सभासद की सुध ली है।
पूर्णागिरि मेले की व्यवस्था के तहत नगर पालिका की ओर से आवंटित किए जाने वाले बाल मुंडन, बिजली, वाहन पार्किंग और तहबाजारी ठेके की नीलामी खुली बोली सेे कराए जाने को लेकर मुखर सभासद बेलवाल की मांग को नगर पालिका द्वारा नकार दिया गया। इससे सभासद बेलवाल ने बृहस्पतिवार से आमरण अनशन शुरू किया है।
पालिका कार्यालय गेट पर अनशन पर बैठे सभासद का कहना है कि उनका उद्देश्य पालिका के कार्यों में पारदर्शिता लाना है। वे किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसके खिलाफ संघर्ष जारी रखा जाएगा।
इधर अनशन के चौबीस घंटे बाद भी नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन ने सभासद की सुध नहीं ली है।
सभासद दीपक के अनशन का अन्य सभासदों ने किया विरोध
टनकपुर। नगर पालिका के अन्य सभासदों ने अनशन पर बैठे सभासद दीपक बेलवाल के आंदोलन को औचित्यहीन बताते हुए इसका विरोध किया है। शुक्रवार को सभासदों ने कुमाऊं आयुक्त को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को भेजकर व्यवस्थाओं के ठेके खुली बोली से नीलाम किए जाने समेत उनकी सभी बीस सूत्री मांगों को बेवजह उठाई गई मांगें बताया है।
सभासद योगेश पांडेय, कपिल उप्रेती, किशोर हर्बोला, सविता बिष्ट, रईस अहमद, पूजा टम्टा, हुमा, तुलसी कुंवर, हसीब अहमद ने कहा है कि बंद निविदा से ठेकों की नीलामी में पालिका की आय बढ़ी है और बोर्ड 13 फरवरी को हुई बैठक में बंद निविदा से ठेके नीलाम किए जाने का निर्णय ले चुका है। उन्होंने कहा कि सभासद दीपक बेलवाल की ओर से उठाई गई अन्य मांगों पर भी बोर्ड पहले ही कार्रवाई का निर्णय ले चुका है।