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मायूसी:बंद रहा जिला अस्पताल का अल्ट्रासाउंड कक्ष

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चंपावत जिला अस्पताल में पर्ची कटाने को उमड़े लोग। - फोटो : CHAMPAWAT
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रेडियोलोजिस्ट के त्यागपत्र के एक दिन बाद शुक्रवार को चंपावत जिला अस्पताल का अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद रहा। अल्ट्रासाउंड परीक्षण नहीं होने से लोगों को समस्या झेलनी पड़ी। दिन भर में अल्ट्रासाउंड को आए नौ लोगों को मायूस लौटना पड़ा।
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जिला अस्पताल में शुक्रवार को 300 से ज्यादा मरीज आए। इनमें महिलाओं सहित कुल नौ मरीजों को अल्ट्रासाउंड का परीक्षण कराना था लेकिन रेडियोलोजिस्ट डॉ. प्रदीप बिष्ट के त्यागपत्र की वजह से अल्ट्रासाउंड नहीं हो सके। अल्ट्रासाउंड के लिए इन मरीजों को या तो निजी अस्पताल की शरण लेनी पड़ी या 15 किमी दूर लोहाघाट की दौड़ लगानी पड़ी।
सीएमएस डॉ. आरके जोशी ने कहा कि रेडियोलोजिस्ट का त्यागपत्र स्वास्थ्य महानिदेशक को भेज दिया है। त्यागपत्र पर अभी निर्णय नहीं होने की वजह से शुक्रवार को रेडियोलोजिस्ट की अनुपस्थिति लगाई गई है। रेडियोलोजिस्ट के नहीं होने से जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद रहा और अल्ट्रासाउंड नहीं हो सके।
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वहीं सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि रेडियोलोजिस्ट डॉ. प्रदीप बिष्ट का इस्तीफा मेल के जरिए मिल गया है। वह जिला अस्पताल के सीएमएस और रेडियोलोजिस्ट से बात कर इस्तीफा वापस लेने के लिए आग्रह करेंगे। रेडियोलोजिस्ट को अगर उन्हें लेकर कोई गलतफहमी है तो वार्ता के जरिए मामले को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। अगर जरूरी हुआ तो वे मरीजों और स्वास्थ्य विभाग के हित में खेद जताने को भी तैयार हैं।
संबद्ध किए जा सकते हैं लोहाघाट के रेडियोलोजिस्ट
चंपावत। जिला अस्पताल के रेडियोलोजिस्ट के इस्तीफे के मामले में डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने भी हस्तक्षेप कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया। उन्होंने सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी और जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके जोशी को बुलाकर वार्ता की।
उन्होंने दोनों अधिकारियों को समन्वय बनाकर काम करने के अलावा त्यागपत्र देने वाले चिकित्सक की समस्या सुन इस्तीफा वापस लेने के प्रयास करने के मौखिक निर्देश दिए। इसके बावजूद मामला नहीं सुलझने पर प्रशासन लोगों के हित में लोहाघाट के रेडियोलोजिस्ट को जिला अस्पताल संबद्ध करने के विकल्प पर विचार कर रहा है।
डीएम का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवा को किसी भी हाल में बंधक नहीं बनने दिया जाएगा। मरीजों का हित सर्वोपरि है। इसके लिए जो भी जरूरी होगा, किया जाएगा। गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड और बीपीएल मरीजों के निशुल्क होने वाले परीक्षण के साथ ही आम लोगों के अल्ट्रासाउंड के लिए लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रेडियोलोजिस्ट को सप्ताह में एक से दो दिन तक चंपावत जिला अस्पताल संबद्ध करने पर विचार किया जा रहा है।
लोहाघाट के रेडियोलोजिस्ट डॉ. एलएम रखोलिया हर बुधवार को अल्ट्रासाउंड परीक्षण के लिए पिथौरागढ़ सेवा देते हैं। बता दें कि डॉ. प्रदीप बिष्ट के इस्तीफे के बाद से चंपावत जिले में एकमात्र लोहाघाट अस्पताल में ही अल्ट्रासाउंड परीक्षण हो रहा है। टनकपुर में भी लंबे समय से रेडियोलोजिस्ट नहीं होने से अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के मुताबिक सरकारी धन से पीजी की पढ़ाई करने पर संबंधित डॉक्टरों के साथ न्यूनतम पांच साल की सरकारी सेवा का अनुबंध जरूरी है। अनुबंध के उल्लंघन पर पीजी में खर्च होने वाली रकम की वसूली का प्रावधान है।
जिलाधिकारी अथवा विभागीय उच्चाधिकारी उन्हें जैसे भी आदेश देंगे वे उसका पालन करेंगे। उनका लक्ष्य मरीजों की बेहतर सेवा करना है।
डॉ. एलएम रखोलिया, रेडियोलोजिस्ट, सीएचसी, लोहाघाट
अस्पताल की व्यवस्था में सुधार को डीएम से मिले चेयरमैन
चंपावत। जिला अस्पताल के मौजूदा हालात और व्यवस्था को बेहतर करने की मांग को शुक्रवार को नगर पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल से मरीजों को राहत दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल में सभासद रोहित बिष्ट, नंदन तड़ागी, हरीश तिवारी, आदर्श भट्ट आदि शामिल थे। इससे पूर्व बुधवार को विधायक कैलाश गहतोड़ी ने भी सीएमएस और अन्य डॉक्टरों से वार्ता कर व्यवस्था को बेहतर करने का आग्रह किया।

चंपावत जिला अस्पताल में पर्ची कटाने को उमड़े लोग।- फोटो : CHAMPAWAT

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