चंपावत जिला सभागार में डायरिया नियंत्रण पखवाड़े की बैठक में मौजूद अधिकारी।
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एडीएम टीएस मर्तोलिया ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बरसात के सीजन में होने वाले डायरिया से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों और दवाओं की जानकारी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को जिला सभागार में 22 जुलाई से दो अगस्त तक चलाए जाने वाले सघन डायरिया नियंत्रण कार्यक्रम की तैयारी बैठक में उन्होंने कहा कि ओआरएस एवं जिंक की उपलब्धता ग्रामीण क्षेत्रों विशेषकर आंगनबाड़ी केंद्रों तक हो जिससे बच्चों में डायरिया होने पर ओआरएस और जिंक की गोलियां सहजता से लोगों को उपलब्ध हो सकें।
एडीएम ने कहा कि कार्यक्रम तभी सफल होगा जब मुख्य एवं जिला शिक्षा अधिकारी कम से कम एक सप्ताह तक प्रार्थना सभा में डायरिया होने के कारण और उससे बचाव के तरीकों की जानकारी बच्चों को देंगे।
सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने कहा कि बच्चों में डायरिया दूषित पानी और अस्वच्छता के कारण होता है। उन्होंने कहा कि डायरिया से बचाव के लिए बच्चों में हाथ धोने की आदत डालनी जरूरी है। उन्होंने कहा कि डायरिया होने पर बच्चों को दाल का पानी, फलों का रस व मां का दूध, ओआरएस का घोल पिलाना जरूरी है।
डॉ. खंडूरी ने बताया कि जिले में स्थापित 86 चिकित्सा इकाईयों के माध्यम से 53,775 घरों तक ओआरएस का पैकेट व जिंक की टेबलेट पहुंचाई जाएंगी और आंगनबाड़ी व आशा के माध्यम से लोगों को डायरिया के प्रति जागरूक भी किया जाएगा। बैठक में सीईओ आरसी पुरोहित, डीईओ डीएस राजपूत एवं सत्य नारायण, एसीएमओ डॉ. इंद्रजीत पांडेय, सीएमएस डॉ. मंजीत सिंह सहित जल निगम, जल संस्थान, बाल विकास, खंड शिक्षा अधिकारी आदि उपस्थित रहे।