मां पूर्णागिरि धाम मार्ग पर हनुमानचट्टी के पास पहाड़ी शनिवार को फिर दरक गई। चट्टान का मलबा आने से जहां मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है, वहीं सड़क का काफी हिस्सा भी खाई की ओर धंस गया है। मार्ग बंद होने से पूर्णागिरि धाम और आसपास के ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई है। एसडीएम अनिल चन्याल के निर्देश पर लोनिवि की टीम मलबा हटाने को रवाना हो गई है।
बारिश के दिनों में पूर्णागिरि मार्ग पर चट्टानों के दरकने का खतरा खासा बढ़ जाता है। काली मंदिर से मुख्य मंदिर तक हर साल पहाड़ियां दरकती हैं, लेकिन सड़क चौड़ीकरण के लिए लोनिवि द्वारा जेसीबी से पहाड़ी काटने से इस बार हनुमानचट्टी नया जोन बन गया है। डेढ़ माह के अंदर पहाड़ी दरकने से करीब पांच बार मार्ग बंद हो चुका है। शनिवार की दोपहर फिर अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर मार्ग पर आ गिरा। गनीमत रही कि उस वक्त वहां से कोई वाहन या यात्री नहीं गुजर रहा था, वर्ना बड़ा हादसा हो सकता था।
एसडीएम चन्याल ने बताया कि लोनिवि को मलबा हटाकर जल्द रास्ता खोलने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम के निर्देश पर लोनिवि की टीम मौके को रवाना हो गई है, लेकिन खबर लिखे जाने तक मार्ग खोला नहीं जा सका था। इधर, मां पूर्णागिरि मंदिर समिति अध्यक्ष भुवन चंद्र पांडेय ने हनुमानचट्टी के खतरनाक स्थान पर सड़क के दोनों ओर खतरे का संकेतक लगाने की मांग की है, ताकि वहां से गुजरने वाले यात्री सावधानी से आवाजाही करें।