1991 में सियाचिन में शहीद हुए बाराकोट विकासखंड के चामी गांव निवासी लांस नायक श्याम सिंह के पुत्र दिवान सिंह के सैन्य अधिकारी बनने पर गांव में जश्न का माहौल है। दिवान सिंह के सैन्य अधिकारी बनने पर अशोक महर, नीला देवी, सोनू, कुंदन, भागा देवी, ममता देवी, विजय राज, कमल सिंह आदि ने गुड़ बांटकर खुशी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि दिवान के सैन्य अधिकारी बनने से गांव का नाम रोशन हुआ है।
दिवान सिंह के ताऊ और क्षेत्र पंचायत सदस्य दिवान सिंह बिष्ट ने बताया कि दिवान के पिता शहीद लांस नायक श्याम सिंह बिष्ट जब भी छुट्टियों में घर आते थे, युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते थे। छुट्टी के दौरान गांव में युवाओं को प्रशिक्षण भी दिया करते थे। पिता के निधन के बाद दिवान महज 6 साल की उम्र में चामी गांव से मध्य प्रदेश चले गए। मध्य प्रदेश में उन्होंने सागर के सैनिक स्कूल से इंटर तक की पढ़ाई की।
कड़ी मेहनत के बल पर एनडीए परीक्षा पास की। उनके परिवार में सात से ज्यादा लोग सेना में रहते हुए देश सेवा कर चुके हैं और उनके दादा स्वर्गीय गणेश सिंह बिष्ट स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे हैं। दिवान के सैन्य अधिकारी बनने पर जमन सिंह बिष्ट, डॉ.जगदीश बिष्ट, तेजसिंह बिष्ट, देव सिंह, खीम सिंह बिष्ट, गंगा बिष्ट, कुंवर बिष्ट, कुंदन सिंह, सुरेश सिंह, मोहन सिंह, महेश बष्ट, बलवंत बिष्ट, मदन बिष्ट, भवान बिष्ट, भुवन सिंह सहित पूरा गांव गदगद हैं।