फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अतिथि शिक्षकों को तुरंत मिले नियुक्ति

Sat, 28 May 2016 09:54 PM IST
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत
विज्ञापन
गेस्ट टीचर्स ने मांगी नियुक्ति - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
चंपावत। अतिथि शिक्षकों ने तुरंत नियुक्ति की मांग की है। कहा कि शासनादेश जारी होने के बावजूद विभागीय प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी है। विजिटिंग टीचर्स एसोसिएशन ने डीएम को ज्ञापन भेजा। जिसमें कहा गया कि विजिटिंग टीचर्स मार्च से बेरोजगार हैं। जिले में पिछले साल एलटी, प्रवक्ता के रूप में 89 दिनों के लिए 225 शिक्षकों की तैनाती हुई थी। फिर इन शिक्षकों को मार्च तक नवीनीकरण दिया गया। मगर इसके बाद से ये अध्यापक बेरोजगार हैं। 
विज्ञापन


अतिथि शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष पारस जुकरिया, संरक्षक मोहन चिलकोटी का कहना है कि इस बार बोर्ड परीक्षा में अच्छे नतीजे आने के पीछे विजिटिंग शिक्षकों का खास योगदान रहा है। ज्ञापन में चंचल कुंवर, अमित गहतोड़ी, बृजेश गहतोड़ी, हिमांशु कुमार, खिलानंद जोशी, भुवन प्रथोली आदि के हस्ताक्षर हैं। मुख्य शिक्षाधिकारी नवीन चंद्र पाठक का कहना है कि तैनाती प्रक्रिया शुरू करने के लिए मुख्यालय के निर्देशों का इंतजार है। निर्देश मिलते ही तैनाती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

पिथौरागढ़। अतिथि शिक्षकों ने मुख्य शिक्षाधिकारी अशोक कुमार जुकरिया से मुलाकात कर शासनादेश के आधार पर नियुक्ति देने और अविलंब तैनाती देने की मांग की है। मुख्य शिक्षाधिकारी जुकरिया ने अतिथि शिक्षकों आश्वासन दिया कि एक जून से नियुक्ति के लिए अनुबंध प्रपत्र भरे जाएंगे। अनुबंध प्रपत्र के लिए सभी खंड शिक्षाधिकारियों को आदेश दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन


अतिथि शिक्षकों को समायोजन के लिए परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। सभी गेस्ट टीचरों का समायोजन होगा। मुख्य शिक्षाधिकारी से मिलने वालों में दीक्षा जोशी, घनश्याम जोशी, मनोज पांडेय, नवीन द्विवेदी, अनुपमा महर, कमलेश जोशी, आनंद प्रसाद, कंचन धामी, भावना, पूर्णिमा, विनीता चुफाल, दिगंबर महर, मीना टम्टा, लोकेश पंत, सविता, गौरव जोशी, गीता आदि अतिथि शिक्षक शामिल थे।

चंपावत। जिले में चार विजिटिंग शिक्षकों को ड्यूटी के दौरान का वेतन भी नहीं मिल सका है। ज्योति जोशी, हरीश चंद्र भट्ट, सुनील कुमार भट्ट, रितु महरा का वेतन उनके खाते में नहीं आ सका है। अतिथि शिक्षक संगठन का कहना है कि विभाग द्वारा गलत बैंक खाते में पैसा भेजने से ये नौबत आई है। विभाग का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। शीघ्र ही वेतन दे दिया जाएगा। संगठन ने इन शिक्षकों को अविलंब वेतन देने की मांग की है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें