चंपावत। सीमांत जिले में अंगूर की खेती किसानों के लिए मुनाफे का सौदा बनेगी। जिले के 362 किसान अंगूर की बागवानी विकसित करेंगे। उद्यान विभाग ने जिले में अंगूर उत्पादन के लिए योजना तैयार की है। योजना के तहत चंपावत ब्लॉक के चल्थी और पाटी ब्लॉक के रीठासाहिब क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में अंगूर की बागवानी विकसित की जाएगी।
सीमांत जिला चंपावत भौगोलिक और जलवायु की दृष्टि से अंगूर की खेती के लिए अनुकूल हैं। उद्यान विभाग ने जिले में बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 में नई योजना तैयार की है। योजना के तहत चल्थी और पाटी ब्लॉक के रीठासाहिब क्षेत्र के 11 ग्राम पंचायतों की करीब 11 हेक्टेयर भूमि पर अंगूर की बागवानी विकसित की जाएगी।
बागवानी को विकसित करने के लिए करीब चार लाख रुपये अंगूर के पौधों पर खर्च होंगे। धनराशि के लिए प्रस्ताव जिला योजना में रखा गया है। 362 किसानों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। धनराशि मिलते ही चयनित किसान जुलाई से अगस्त तक अंगूर के पौधों का रोपण कार्य शुरू करेंगे। संवाद
इन गांवों में होगी बागवानी विकसित
चल्थी, अमोड़ी, सिलाड़, नौलापानी और बेलखेत ग्राम पंचायतों में अंगूर की बागवानी विकसित की जाएगी। यहां योजना से 210 किसानों को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा पाटी ब्लॉक की छह ग्राम पंचायतों चौड़ा मेहता, चौरापित्ता, कुलयालगांव, मछियाड़, साल और परेवा में भी अंगूर की बागवानी विकसित की जाएगी। यहां 152 लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जाएगा।
कोट
चंपावत जिले के कुछ क्षेत्र भौगोलिक और जलवायु की दृष्टि से अंगूर की खेती के लिए अनुकूल हैं। बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से नई योजना तैयार की गई है। योजना के तहत चंपावत ब्लॉक के चल्थी और पाटी ब्लॉक के रीठासाहिब क्षेत्र की 11 ग्राम पंचायतों में अंगूर की बागवानी विकसित की जाएगी। - मोहित मल्ली, जिला उद्यान अधिकारी, चंपावत