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Champawat News: सरकारी महकमे बजट खर्च करने में कर रहे कंजूसी

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चंपावत। वित्त वर्ष 2023-24 में सात माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन जिला योजना का बजट खर्च करने की गति काफी ढीली है। अनुमोदित राशि 5401.87 लाख रुपये में से अप्रैल से अक्तूबर तक के सात माह में सिर्फ 28 प्रतिशत खर्च हो सकी है। बकाया पांच माह में 72 फीसदी राशि व्यय करनी होगी। बजट खर्च करने में सुस्ती के कारण निर्माण में देरी के साथ गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है।
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मौजूदा वित्त वर्ष की जिला योजना 5401.87 लाख रुपये की स्वीकृत है। डीएसटीओ दीप्तकीर्ति तिवारी का कहना है कि अक्तूबर तक शासन से जिला योजना की शत-प्रतिशत राशि अवमुक्त हो चुकी है। इस राशि में से अक्तूबर तक 1512.57 (28 प्रतिशत) लाख रुपये ही खर्च हो सके हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पंचायती राज, बाल विकास, माध्यमिक शिक्षा, निजी लघु सिंचाई, सेवायोजन, वन विभाग आदि महकमों के खर्च की गति काफी कम है। इन विभागों के अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित कामों की प्रक्रिया चल रही है।
कमजोर प्रदर्शन करने वाले विभाग :
विभाग : अनुमोदित राशि (लाख रुपये में) - व्यय राशि
1. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य 199.08- 43.93
2. पंचायतीराज 370.50- 104.46
3. बाल विकास विभाग 25.00- 08.25
4. माध्यमिक शिक्षा 209.00- 66.00
5. निजी लघु सिंचाई 67.00- 17.45
6. सेवायोजन 11.00- 01.91
7. वन विभाग 66.00- 09.00
राज्य सेक्टर और केंद्र पोषित योजना में है बेहतर प्रदर्शन
जिला योजना के विपरीत राज्य सेक्टर और केंद्र पोषित योजना में जिले ने बेहतर काम किया है। राज्य सेक्टर में 14198.48 लाख रुपये में से 9309.45 लाख और केंद्र पोषित योजना में 12053.38 लाख में से 11317.66 लाख रुपये अक्तूबर तक खर्च हो चुके हैं।
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कोट
शासन से जिला योजना की शत-प्रतिशत राशि अवमुक्त हो चुकी है। जिला स्तर से विभागों को 68 प्रतिशत से अधिक रकम दी जा चुकी है। शेष धन दिया जा रहा है। साथ ही तेजी से समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। - नवनीत पांडे, डीएम, चंपावत।
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