चंपावत जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती बकोड़ा गांव की दीपा। संवाद
चंपावत। तल्लादेश के बकौड़ा गांव की एक किशोरी को 12 किमी डोली से लाने के बाद एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। गंभीर रूप से बीमार किशोरी का आईसीयू में इलाज के बाद अब हालत में सुधार है।
टनकपुर में इंटर में पढ़ने वाली दीपा बोहरा (16) पुत्री ज्ञान सिंह दिवाली के लिए अपने गांव बकोड़ा आई थी। रविवार रात किशोरी की तबीयत अचानक खराब गई। आपात सेवा 108 की एंबुलेंस के जिला प्रभारी कमल शर्मा ने बताया कि कॉल आने पर दीपा को सोमवार को जिला अस्पताल लाया गया। एंबुलेंस के ईएमओ प्रदीप कुमार और मोहन ने बताया कि बुखार, उल्टी और कम रक्तचाप की वजह से दीपा की तबीयत काफी ज्यादा बिगड़ी थी।
जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. बेंकटेश द्विवेदी का कहना है कि आईसीयू में इलाज के बाद दीपा की सेहत में सुधार है। ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह, गिरीश सिंह, सुंदर सिंह, सुरेश महर, संदीप सिंह आदि ने बकोड़ा से मंच तक के उतार-चढ़ाव वाले पैदल मार्ग से दीपा को डोली के सहारे तीन घंटे में रोड तक लाया जा सका।
11 साल पहले मंजूर लेकिन अब भी काम शुरू नहीं
चंपावत। बकोड़ा को मंच से जोड़ने के लिए 12 किमी लंबी सड़क 2012 में स्वीकृत हो चुकी है लेकिन काम आज तक शुरू नहीं हो सका है। 17 तोकों को सड़क से जोड़ने वाली इस रोड की कटिंग शुरू नहीं हो सकी है। इसका नतीजा गांव के लोग विकास के पिछड़ेपन और सुविधाओं की कमी के अलावा बीमार व्यक्ति को सड़क तक लाने के लिए डोली का ही आसरा है। लोनिवि के अपर सहायक अभियंता नरेंद्र सिंह का कहना है कि वन अनापत्ति मिलने के बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। संवाद