जिला मुख्यालय के गोरलचौड़ मैदान की दुर्दशा बनी हुई है। 13 जून को सबका साथ सबका विकास कार्यक्रम आयोजित करने के बाद मैदान को अपने हाल में छोड़ दिया गया है। मैदान में कार्यक्रम के दौरान प्लास्टिक के कूड़े कचरे और बोतलों का ढेर फैला हुआ है। जिससे खेल मैदान की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
स्थानीय नागरिकों और खेल प्रेमियों ने मैदान की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए नगरपालिका से तत्काल मैदान की साफ सफाई करने की मांग उठाई है। अंकित गड़कोटी, गौरव कुमार आदि का कहना है कि केंद्र सरकार की तीन साल की उपलब्धियों को गिनाने के लिए आयोजित किए गए सबका साथ सबका विकास कार्यक्रम साफ सफाई से दूर रहा। जबकि स्वच्छता अभियान मोदी सरकार की पहली बड़ी उपलब्धि रही है।
उनका कहना है कि राजनीतिक रैलियों व अन्य कार्यक्रमों के लिए खेल मैदान के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हो सकता हो तो जिस राजनीतिक दल अथवा संगठन की ओर से खेल मैदान में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, साफ सफाई की व्यवस्था की जिम्मेदारी भी उसी संगठन को दी जानी चाहिए। इस संबंध में नगरपालिका के चेयरमैन प्रकाश तिवारी का कहना है कि मैदान की सफाई का कार्य आयोजक संस्था एनएचपीसी को ही करना था। लेकिन अब पालिका की ओर से मैदान की सफाई की जा रही है।