पिथौरागढ़। डीडीहाट के गोल निवासी गोमती देवी डेयरी व्यवसाय कर अपनी आर्थिकी को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने स्वयं का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है।
गोमती ने ग्रामोत्थान के अल्ट्रा पुअर योजना के तहत 35 हजार रुपये का ऋण लिया। उन्होंने अपने डेयरी व्यवसाय को शुरू करने के लिए गाय खरीदी और स्थानीय बाजार में कुछ कम दामों में दूध, दही, घी बेचकर अपने डेयरी के व्यवसाय को शुरू किया। धीरे-धीरे उनके डेयरी के उत्पाद की मांग बढ़ने लगी। इससे उनके व्यवसाय में बढ़ोतरी हुई। अब वह डेयरी व्यवसाय से हर माह लगभग सात से आठ हजार रुपये और सालाना 96 हजार रुपये तक की आमदनी कर रही हैं। गोमती ने बताया कि वह कृषि कार्य कर अपनी आजीविका चला रही थी। नियमित आय नहीं होने के कारण उन्होंने स्वरोजगार करने की सोची। गांव में सीमित रोजगार के अवसर होने के कारण उन्होंने डेयरी के व्यवसाय को प्रारंभ किया। गोमती ने पशुपालन पर कोई भी प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया है लेकिन अपने गांव में पशुपालन का कार्य करने होने के कारण डेयरी व्यवसाय करने में अधिक परेशानी नहीं हुई। गोमती ने स्वरोजगार कर अपनी आजीविका में सुधार किया है। अब वह गांव की दूसरी महिलाओं को भी स्वरोजगार करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
गोमती शिवनाथ समूह की हैं सदस्य
पिथौरागढ़। गोमती देवी एनआरएलएम के शिवनाथ समूह की सदस्य हैं। वह राष्ट्रीय आजीविका मिशन के माध्यम समूह से जुड़ी हैं। समूह की बैठकों के माध्यम से ही उनको ग्रामोत्थान के अल्ट्रापुअर, व्यक्तिगत उद्यम, सामूहिक उद्यम योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त हुई।