अब अनुमति के बगैर सड़क, सीसी मार्ग आदि को खोदने या किसी भी तरह सार्वजनिक परिसंपत्ति को क्षतिग्रस्त करने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
बुधवार को जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय समिति की बैठक में ये हिदायत दी गई। कहा गया कि अवस्थापना सुविधाओं की स्थापना के लिए सड़क या सीसी मार्ग खोदने के लिए निर्धारित प्रक्रिया को पूरा किया जाना जरूरी होगा। इसके लिए सरकारी विभाग अथवा निजी व्यक्ति को संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र जमा कराना होगा तथा इस आवेदन को संबंधित विभाग द्वारा परियोजना समन्वय समिति (पीसीसी) से अनुमोदन कराना होगा।
कहा गया कि कई बार रोड बनने के बाद पेयजल, बिजली, दूरसंचार, सीवर लाइन आदि डालने के लिए सड़क को खोदा जाता है। रोड खोदने के लिए एनएच के प्रावधानों के आधार पर सिक्योरिटी मनी जमा करने तथा निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं करने पर सिक्योरिटी मनी को जब्त करने का अधिकार समिति को होगा।
डीएम ने पेयजल, बीएसएनएल, सीवर लाइन, बिजली आदि केबल लाइनों को मानक के अनुरूप गहराई में बिछाने एवं इसके लिए अनिवार्य रूप से साइन बोर्ड लगाने को कहा गया। बैठक में एडीएम जेएस राठौर, एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता डीएस ह्यांकी, ईई बीसी पंत, बलराम मिश्रा, जल संस्थान के ईई पीसी करगेती, जल निगम के एचसी भारती, टनकपुर नगर पालिका के ईओ शेखर चंद्र जोशी, चंपावत के अभिनव कुमार, एसए सिद्दीकी आदि मौजूद थे।
गठित हुई पीसीसी
चंपावत। अवस्थापना सुविधाओं को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए जिले स्तर पर परियोजना समन्वय समिति (पीसीसी) का गठन किया गया है। डीएम की अध्यक्षता में गठित इस समिति में लोनिवि के अधीक्षण अभियंता सदस्य सचिव होंगे। इसके अलावा एसपी, लोनिवि, जल संस्थान, जल निगम, विद्युत, बीएसएनएल के ईई, नगर पालिका के ईओ और बीआरओ के अधिकारी को समिति का सदस्य बनाया गया है।