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अनाथ बच्चों की सूचना चाइल्ड लाइन और बाल कल्याण समिति को दें

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चंपावत। डीएम विनीत तोमर की अध्यक्षता में चाइल्ड एडवायजरी समिति की बैठक जिला सभागार में आयोजित की गई। डीएम ने कहा यदि जिले में दुर्भाग्यवश किसी दंपती की मृत्यु कोरोना के कारण हो जाती है तथा उनके बच्चों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है तो ऐसे बच्चों के संरक्षण के लिए बाल संरक्षण बाल कल्याण समिति प्रतिबद्ध है। अत: ऐसे बच्चों की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, बाल कल्याण समिति, जिला प्रोबेशन अधिकारी तथा आपदा कंट्रोल रूम में से किसी को भी शीघ्र प्रदान करें, ताकि बाल संरक्षण सेवा योजना अंतर्गत अनाथ बच्चों को संरक्षण प्रदान किया जा सके।
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डीएम ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि अपने विभागों के माध्यम से चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 का व्यापक प्रचार प्रसार करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा प्रत्येक आगनवाड़ी केंद्र, रोडवेज बसों, सभी स्कूलों में वाल पेंटिंग, बैनर व पोस्टर के माध्यम से 1098 नंबर को प्रदर्शित करना सुनिश्चित करें। रीड्स संस्था की ओर से बनबसा के पुनर्वास केंद्र के संचालन में आ रही वित्तीय समस्या को अवगत कराया गया। जिस पर डीएम ने प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि समिति का गठन कर निरीक्षण आख्या प्रेषित करें। चाइल्ड लाइन समन्वयक संतोषी ने डीएम को चाइल्ड लाइन में आने वाली समस्या एवं चाइल्ड लाइन की ओर से किए जा रहे कार्यों के बारे में। बैठक में एडीएम मर्तोलिया, सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी, सीईओ आरसी पुरोहित, जिला समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत, श्रम अधिकारी मीनाक्षी भट्ट, पुलिस विभाग से मीनाक्षी नौटियाल, बाल कल्याण समिति से बंशीधर फुलारा, विमला बोरा, शांति अधिकारी, सतीश जोशी, गीतांजलि सेवा समिति के सतीश पांडेय, परिवहन निगम के मंजुल कुमार, चाइल्ड लाइन के प्रकाश चंद्र, अर्चना लोहनी, ललिता बोहरा, मीरा रावत, सीमा देवी, शैलजा गड़कोटी आदि उपस्थित रहे।
कोरोना काल में बेसहारा बच्चों की परवरिश करेगा चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी
पिथौरागढ़। कोरोना काल में घनश्याम ओली चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी अनाथ और बेसहारा बच्चों के लिए रहने, भोजन और शिक्षा की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है।
सोसाइटी के अध्यक्ष अजय ओली ने बताया कि कोरोना काल में तमाम परिवारों पर विपत्तियों का पहाड़ टूटा है। कई बच्चों ने माता-पिता भी खोए हैं। इसको देखते हुए सोसाइटी ने बेसहारा हुए बच्चों की परवरिश करने का निर्णय लिया है। इसके लिए संस्था पूरे जिले के शिक्षकों, शिक्षा अधिकारी और अन्य अधिकारियों के माध्यम से लोगों तक पहुंचेगी और बच्चों का पता लगाएगी। संस्था अध्यक्ष ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य परेशानियों में आए बच्चों का भविष्य सुधारना और शिक्षित करना है। संस्था इसके लिए बड़े स्तर पर कार्य करेगी। वर्तमान में अब तक संस्था की ओर से ऐसे दर्जन भर बच्चों की निशुल्क शिक्षा, भोजन आदि व्यवस्थाओं का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही संस्था मास्क वितरण और जागरूकता अभियान भी चलाएगी और जिसके तहत कोरोना और मानसिक तनाव से बचाव के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। (संवाद)
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