चंपावत। पानी की तलाश में आबादी में पहुंचे घुरड़ को आवारा कुत्तों ने मार डाला। मारे गए घुरड़ को पोस्टमार्टम के बाद वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय परिसर में दफना दिया गया। चंपावत के पास के जंगल से भटककर एक घुरड़ शुक्रवार तड़के चार किमी दूर कनलगांव में पहुंचा। आठ कुत्तों के झुंड ने घेर कर घुरड़ को नोच डाला। बुरी तरह लहूलुहान घुरड़ को देख इलाके के लोगों ने वन विभाग को जानकारी दी।
रेंजर बृजमोहन टम्टा के नेतृत्व में वन दरोगा बची सिंह, हरीश नयाल, हरीश जोशी, देवकी देवी सहित विभागीय टीम ने फौरन मौके पर पहुंच घुरड़ को पशु अस्पताल पहुंचाया। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जेपी यादव ने बताया कि घुरड़ के गले और कान में घाव था। इलाज करने के बावजूद अपराह्न एक बजे बाद घुरड़ की मौत हो गई। पोस्टमार्टम कर घुरड़ को वन विभाग परिसर में दफना दिया गया। रेंजर टम्टा ने बताया कि मृत नर घुरड़ की उम्र करीब 8 साल थी। जिले में घुरड़ की कुल संख्या 484 है।