गर्मी शुरू होने में अभी एक माह से ज्यादा का वक्त है, लेकिन क्षेत्र में पेयजल संकट अभी से गहराने लगा है। लोगों को एक या दो दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके चलते लोगों की मुसीबत बढ़ रही है और वे हैंडपंप और गधेरों में लाइन लगाने को मजबूर हैं।
नगर क्षेत्र के लिए चार पेयजल योजनाओं के जल स्तर में कमी आने के कारण पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है। चौड़ी लिफ्ट पेयजल योजना से 400 किलोलीटर, बनस्वाड़ योजना से 50 केएल, ऋषेश्वर स्थित मिनी ट्यूबवेल से 20 केएल और फोर्ती योजना से 10 केएल पानी ही मिल पा रहा है।
नगर के सार्कीटोला, बजरंगबली, लोहावती, ऋषेश्वर, ठाडाढुंगा, मीनाबाजार, कचहरी वार्डों के लोगों की पेयजल की निर्भरता हैंडपंपों और नर्सरी गधेरे, अकलधारे स्रोत पर है। लोगों का कहना है कि वे सुबह से ही इन स्थानों पर पानी के लिए पहुंचने को मजबूर हैं। नलों में दूसरे या तीसरे दिन पानी आता है, वह भी बमुश्किल आधे घंटे।
एक-तिहाई से कम मिल रहा पानी
जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंता पवन बिष्ट का कहना है कि नगर क्षेत्र के लिए 1620 किलोलीटर पानी की रोज आवश्यकता है, इसके सापेक्ष वर्तमान में 480 केएल पानी मिल पा रहा है। यदि शीघ्र बारिश नहीं हुई, तो समस्या और विकराल रूप ले लेगी। लोहाघाट विकासखंड में 64 ग्रामीण पेयजल योजनाएं हैं, इनमें से अधिकतर में 40 फीसदी तक गिरावट आ गई है। गर्मी के मौसम में पेयजल वितरण के लिए वाहनों को किराये में लेने के लिए निविदा प्रक्रिया गतिमान है।
नगर क्षेत्र में पानी की किल्लत के चलते लोगों को भारी दिक्कतें हो रही हैं। वर्षभर नगर क्षेत्र में पेयजल संकट बना रहता है। लोगों को दूसरे-तीसरे दिन पानी मिल पाता है, लेकिन बिल पूरे महीने का वसूला जाता है। पेयजल समस्या के समाधान के लिए जल संस्थान के अधिकारियों को लिखा गया है। -लता वर्मा, अध्यक्ष, नगर पंचायत, लोहाघाट।