पांच महीने का वेतन, स्थाई नौकरी सहित कई मांगों को लेकर जारी हड़ताल आखिरकार शुक्रवार को खत्म हो गई। सुबह पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी और सभासदों से वार्ता नाकाम रही। बाद में विधायक की पहल पर हड़ताल वापस हुई। विधायक हेमेश खर्कवाल ने राज्य वित्त के धन को वेतन मद में खर्च करने की फोन से पालिका को अनुमति दिलाई। अपरान्ह दो बजे बाद सफाई कर्मियों ने सफाई शुरू कर दी।
जनवरी से वेतन नहीं मिलने के विरोध में सफाई कर्मी पांच जून से हड़ताल पर थे। शुक्रवार को आठवें दिन वेतन मसले पर सहमति बनी। विधायक हेमेश खर्कवाल, डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी, एसडीएम अशोक जोशी की मौजूदगी में सफाई कर्मियों से वार्ता हुई। पांच माह का वेतन राज्य वित्त से दिए जाने पर सहमति बनी। साथ ही पदों के सृजन के लिए प्रयास करने का भरोसा दिलाया गया। वार्ता में स्वच्छकार कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार, मंत्री रघुवीर सहित तमाम सफाई कर्मी शामिल थे। इस मौके पर सभासद अनीता प्रहरी, सूरज प्रहरी, राजेंद्र महर भोलू, विकास साह, व्यापार संघ अध्यक्ष त्रिभुवन गिरि, उपाध्यक्ष अमरनाथ सक्टा आदि मौजूद थे। हड़ताल खत्म होने के बाद स्वच्छकों ने सफाई का काम भी शुरू कर दिया है।
ईओ को लेकर कल से धरना देंगे पालिकाध्यक्ष
चंपावत। शुक्रवार सुबह पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी और सभासदों ने सफाई कर्मियों से वार्ता कर हड़ताल वापस लेने का आग्रह किया था। मगर हड़ताली कर्मी इस पर राजी नहीं हुए। वहीं चेयरमैन और कई सभासदों ने अधिशासी अधिकारी (ईओ) की तैनाती दो दिन के भीतर नहीं होने पर 14 जून से धरना देने का ऐलान किया है। चेयरमैन प्रकाश तिवारी ने हड़ताल खत्म करने में सहयोग नहीं करने का विधायक पर आरोप लगाया। कहा कि सात दिन बाद विधायक हड़ताल खत्म करने का श्रेय ले रहे हैं, जबकि इस दौरान नगर बुरी तरह से गंदगी की चपेट में आ गया।