चमदेवल के जिंडी गांव में गौरा का गायन करती महिलाएं।
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नगर के समीप कोलीढेक, सुंई, चमदेवल के जिंडी, सुनकुरी आदि गांवों में गौरा महोत्सव की धूम मची है। महिला और पुरुष सामूहिक रूप से गौरा गायन कर मां गौरा का आशीर्वाद ले रहे हैं। गौरा महोत्सव को लेकर लोगों में जबर्दस्त उत्साह है।
जिंडी में रामायण, महाभारत कालीन गाथा का गायन किया जा रहा है। पंडित मदन कलौनी बताते हैं कि पौराणिक कथा के अनुसार गौरा इस समय मायके में होती हैं। धन धान्य समृद्धि की कामना को लेकर मां गौरा की आराधना की जाती है। लोग-माई कुंथा बोलन लागी अर्जुन का सारथी बन गया कृष्ण, रणभूमि सज गै सेना युद्ध को भयो शंखनाद आदि गीतों का गायन कर रहे हैं।
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मुख्य अतिथि गीतांजलि सेवा संस्थान के अध्यक्ष सतीश चंद्र पांडेय रहे। कल्याण चंद, बृजमोहन चंद, प्रताप चंद, हयात राम, गोपाल राम, प्रेम चंद, हयात चंद, महेश चंद, पुष्पा देवी, रीता देवी, ललित चंद, खुशाल चंद, लक्षण सिंह आदि मौजूद थे।