लोहाघाट की महिलाओं का शराब की दुकान के खिलाफ विरोध जारी है। बृहस्पतिवार को वनगांव, चिढ़ियाढुंगा और फोर्ती आदि गांवों की महिलाओं ने दरांती और डंडों के साथ 13 किमी दूर जिला मुख्यालय चंपावत पहुंचकर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। आक्रोशित महिलाओं ने रैली निकालकर शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं ने एडीएम हेमंत कुमार वर्मा को ज्ञापन देकर लोहाघाट मायावती रोड पर शराब की दुकान न खोलने की मांग की।
महिलाओं का कहना है कि शराब की दुकान खुलने से उनके गांव का माहौल खराब होगा। पर्यटन स्थल मायावती आश्रम भी पास में ही है तथा दुकान के समीप से छात्राओं और महिलाओं का आना जाना होता है। शराब की दुकान खुलने से महिलाएं और छात्राओं का मार्ग से चलना दूभर हो गया है। इस स्थान से गांव के छोटे बच्चे पैदल स्कूल को आते-जाते हैं तथा महिलाओं का जंगल जाने का रास्ता, गांव का गोचर, पनघट और श्मशान घाट भी है।
मायावती आश्रम में देश विदेश के सैलानी आते जाते रहते हैं। इस दुकान को जंगल के बीचोंबीच खोलने से गांव में भय व्याप्त हो गया है। उन्होंने दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग उठाते हुए चेतावनी दी कि यदि प्रशासन की ओर से जोर जबरदस्ती से शराब की दुकान खोली गई तो जनता उग्र आंदोलन करने को विवश होगी। विरोध प्रदर्शन करने वालों में नेहा गड़कोटी, दीपा जोशी, विमला देवी, जानकी देवी, हीरा देवी, पुष्पा देवी, शांति देवी, विद्या देवी, चंद्रकला देवी, सावित्री देवी, कमला देवी, नीलावती देवी, माधवी देवी, ज्योति देवी आदि शामिल रही।
जिले में चल रही हैं 16 में से 11 दुकानें
चंपावत। जिले में देसी-विदेशी शराब की कुल स्वीकृत 16 दुकानों में से केवल 11 दुकानें ही संचालित हो रही हैं। आबकारी निरीक्षक भरत प्रसाद ने बताया कि शेष अन्य दुकानों को भी शीघ्र खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक जून से लागू होने वाली नई शराब नीति की गाइड लाइन अब तक नहीं मिल सकी है। वर्तमान में शराब की दुकानें सुबह दस बजे से रात्रि दस बजे तक खोली जा रही हैं।