श्रीमस्टा संगीत कला समिति के तत्वावधान में बैठकी होली हुई। देर रात तक होल्यार विभिन्न रागों में झूमते रहे। प्रमुख होल्यार महेश चंद्र भट्ट के आवास में गाइए गणपति जग वंदन गणेश वंदना से होली की शुरुआत हुई।
संगीत प्रवीण सीएस मौनी ने राग यमन में चलो मन वृंदावन की ओर प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिभाव में सराबोर कर दिया।
आचार्य केसी भट्ट ने राग काफी में ‘भव भंजन गुण गाऊं, मैं अपने राम को रिझाऊं ’, सागर मौनी ने राग यमन में ‘जै-जै-जै कृष्ण मुरारी, कृपा करो कुंज बिहारी’, बीसी भट्ट ने राग काफी में ‘क्या जिंदगी का ठिकाना, फिरत मन क्यों रे भुलाना’ और मेजबान एमसी भट्ट ने राग काफ में ‘शिव सुमिरन जिन जाना, सोइ तन ब्रह्म समाना’ औरआचार्य ललित सोराड़ी ने ‘जटन विराजत गंग, भोले नाथ दिगंबर’ गीत प्रस्तुत किया। सीएस मौनी ने ‘हरि तुम भक्तन के प्रतिपाल’ गीत से महफिल का समापन किया।
रातभर चली होली में रबीश पचौली, हरीश जोशी, दिनेश सोराड़ी, पंकज पचौली, एमएन पचौली ने सुर में सुर मिलाया। तबले में संगत सागर मौनी, दीपक अधिकारी, प्रियांशु भट्ट, अंकित भट्ट ने दी।