चंपावत। पुलिस और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने चल्थी के पास तेंदुए की दो खालों के साथ दो लोगों को दबोच लिया है। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया। दोनों आरोपी खटीमा के रहने वाले हैं।
एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर चल्थी चौकी बैरियर में लोहाघाट से टनकपुर की ओर जा रही जीप (एचआर 38 डब्लू-7683) की तलाशी लेने पर दो लोगों से तेंदुए की दो खालें बरामद हुईं। एक खाल की लंबाई आठ फीट पांच इंच, जबकि दूसरी दूसरी खाल की लंबाई सात फीट चार इंच थी।
चल्थी चौकी प्रभारी हरीश प्रसाद ने बताया कि दोनों आरोपी इन खालों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने के लिए ले जा रहे थे। चकरपुर निवासी अजय टम्टा और रतनमेहरा, तिगरी भूदाई निवासी खुशाल मेहरा के खिलाफ वन्य जंतु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि खालों को वन विभाग के हवाले किया गया है। आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है, जहां से दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेेज दिया गया है। दोनों को दबोचने के लिए बनी टीम में चल्थी पुलिस चौकी प्रभारी हरीश प्रसाद, एसओजी प्रभारी वीरेंद्र रमौला, दीपक प्रसाद, राकेश रौंकली, मनोज बैरी, धर्मवीर सिंह, मतलूब खान, मोहन मर्तोलिया, भूपेंद्र सिंह, सद्दाम हुसैन व भुवन पांडेय शामिल रहे।
जल्द चंगुल में आएगा तेंदुए का तस्कर
चंपावत। पुलिस का दावा है कि वह तेंदुए की खालों के तस्कर के काफी करीब है। एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि खटीमा के दोनों तस्करों ने इन खालों को लोहाघाट के एक व्यक्ति से खरीदा था। वह व्यक्ति पहले चरस के मामले दबोचा जा चुका है। खाल बेचने वाला यह व्यक्ति फिलहाल फरार है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। दोनों आरोपियों ने ये खाल 40 हजार रुपये के हिसाब से खरीदी। आमतौर पर इन खालों को दस गुना अधिक दाम में नेपाल भेजा जाता था। मगर इस वक्त सीमा सील होने से इसे दिल्ली, हरियाणा बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।
लॉकडाउन में दिल्ली से लौटा था जीप का मालिक
चंपावत। हरियाणा नंबर की यह टैक्सी लोहाघाट के सूरज की थी। सूरज इस टैक्सी को दिल्ली में चलाया करता था। लॉकडाउन के चलते वह दिल्ली से अपने गांव लौट आया। बृहस्पतिवार को दोनों आरोपियों ने टैक्सी को खटीमा तक के लिए तीन हजार रुपये में बुक कराया। मगर बृहस्पतिवार शाम को तलाशी में टैक्सी में बैठे दो लोगों के पास से तेेंदुए की खाल बरामद हुई। पुलिस ने बताया कि टैक्सी ड्राइवर को खाल की जानकारी नहीं थी।
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2017 से अब तक पकड़ी गईं तेंदुए की 30 खालें
चंपावत। चल्थी में दबोची गई तेंदुए की खाल वन्य जंतु अपराध की 2020 की तीसरी वारदात है। पुलिस, एसओजी और वन विभाग ने 2017 से अब तक वन्य जंतुओं की तस्करी के कुल 18 मामले पकड़े हैं। इनमें 30 खालें पकड़ी गईं। वन्य जंतु तस्करी के इन आरोपियों में अर्द्ध सुरक्षा बल का एक कर्मी भी है। 2017 में दो मामलों में चार खालें, 2018 में चार मामलों में आठ और 2019 में नौ मामलों में कुल दस खालें पकड़ गई।
2020 में वन्य जंतु अपराध के मामले:
- 4 जनवरी: बनबसा में तेंदुए की एक खाल सहित तीन लोगों को दबोचा गया।
- 26 फरवरी: बाराकोट में तेंदुए की तीन खालों के साथ एक पूर्व फौजी को दबोचा गया था।
- 26 जून: चल्थी में तेंदुए की दो खालों के साथ दो को पकड़ा।