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इस निजी अस्पताल में मिलेगा ओपीडी में फ्री इलाज

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लोहाघाट का बीएनके अस्पताल। - फोटो : AMAR UJALA
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अमर उजाला ब्यूरो चंपावत। जिले के तीन सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों के डीसीएचसी (डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर) में बदलने के बाद नगरीय क्षेत्रों में ओपीडी सेवा तकरीबन ठप है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से जिले के प्रमुख निजी अस्पतालों के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। कुछ निजी अस्पतालों से भुगतान किए जाने वाली दरों को लेकर सहमति नहीं बन सकी है। इन सबके बीच चंपावत जिले में एक निजी अस्पताल निशुल्क ओपीडी सेवा देने के लिए आगे आया है। लोहाघाट के बीएनके अस्पताल ने जिला प्रशासन को बाकायदा इसके लिए खत भेजा है। अस्पताल के संस्थापक रिटायर्ड शिक्षक लक्ष्मण लाल वर्मा की ओर से डीएम को पत्र भेजा गया है। जिसमें उन्होंने कोविड-19 की महामारी से उपजे हालात के मद्देनजर फ्री इलाज की इच्छा जताई है। कहा कि ऑपरेशन को छोड़ ओपीडी व अन्य चिकित्सकीय सुविधा निशुल्क दी जाएगी। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने कहा कि लोहाघाट के बीएनके अस्पताल ने कोविड-19 महामारी के बीच स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग करने के मद्देनजर फ्री इलाज का प्रस्ताव दिया है। अस्पताल के इस सहयोग से लोगों को राहत मिलेगी। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि जिले के तीन सरकारी अस्पतालों (चंपावत जिला अस्पताल, टनकपुर संयुक्त अस्पताल और लोहाघाट का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) को डीसीएचसी में तब्दील किया गया है। इन अस्पतालों में 106 बैड रखे गए हैं। इसके अलावा 14 होटलों में 100 बैडों को कोविड केयर सेंटर (सीसीसी) के रूप में लिया गया है। इन सबके चलते ओपीडी और इमरजेंसी के लिए चंपावत, लोहाघाट और टनकपुर में चार प्राइवेट अस्पतालों का अधिग्रहण होना है। प्रशासन ने अधिग्रहण की दरें और उसके अनुरूप बजट उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
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बीएनके अस्पताल के संस्थापक लक्ष्मण लाल वर्मा। - फोटो : AMAR UJALA
बीएनके अस्पताल के संस्थापक लक्ष्मण लाल वर्मा।
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