मंगलवार को भी बनबसा से नेपाली सवारियों को लेकर तांगे नेपाल के कंचनपुर जिला मुख्यालय महेंद्रनगर तक गए। भारतीय बाइक सवार भी नेपाल की आवाजाही कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के चलते भारतीय प्रशासन ने निजी चौपहिया वाहनों पर लगा प्रतिबंध जारी रखा है।
नेपाल के छात्र संगठनों की 27 सितंबर को भारतीय वाहनों के नेपाल प्रवेश पर आग लगा देने की धमकी के बाद भारतीय प्रशासन ने भारतीय वाहनों को नेपाल जाने से रोक दिया था। सुरक्षा के तहत भारतीय प्रशासन ने 28 सितंबर से भारतीय वाहनों के नेपाल जाने पर रोक लगा दी थी। शनिवार शाम नेपाल प्रशासन के आश्वासन पर भारतीय प्रशासन ने तांगों को नेपाल तक जाने की अनुमति दी।
मैजिक और ई-रिक्शा का संचालन पहले की तरह गड्डाचौकी तक होने लगा है। सोमवार को प्रशासन ने बाइकों के नेपाल जाने पर लगी रोक हटा ली। फिलहाल निजी चौपहिया वाहनों पर लगी रोक जारी है। थानाध्यक्ष विनोद यादव ने बताया कि नेपाल प्रशासन द्वारा सुरक्षा का आश्वासन दिए जाने के बाद भारतीय वाहनों को पूर्व की तरह नेपाल जाने दिया जाएगा।
पटरी पर लौटी बनबसा बाजार की रौनक
नेपाली नागरिक पूर्व की ही तरह भारत को आ-जा रहे हैं। आम जरूरत की वस्तुओं के खरीदार बढ़ने से बनबसा बाजार का कारोबार पटरी पर आने लगा है। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय अग्रवाल के मुताबिक नेपाल के खरीदारों के बढ़ने से व्यापार और बढ़ेगा। ट्रांसपोर्टर अब भी सीमा पर नेपाल से वाहन मंगाकर सामान की खेप नेपाल पहुंचा रहे हैं। कस्टम अधीक्षक पीयूष पांडेय ने बताया कि भारत से नेपाल को होने वाला व्यापार लगातार चल रहा है।
नेपाल के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करें भारत
नेपाल के राष्ट्रीय जनमोर्चा सेती महाकाली क्षेत्रीय समिति नेपाल ने भारत पर नेपाल के आंतरिक मामलों पर हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए रैली निकाली। नेपाल के महेंद्रनगर से बनबसा सीमा तक निकाली रैली में मोर्चा सदस्य भारत विरोधी नारे लगा रहे थे। बाद में गड्डाचौकी में हुई सभा में मोर्चा सदस्यों ने भारत पर नेपाल के आंतरिक मामलों पर हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इस दौरान लोकेंद्र लम्स्याल, मनोज भट्ट, नंदराज भट्ट, राजाराम ने विचार रखे।
भारत विरोधी बयान पर नेशनल कांग्रेस ब्रिगेड ने जताया रोष
नेशनल कांग्रेस ब्रिगेड के सदस्यों ने थानाध्यक्ष विनोद यादव के माध्यम से पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा, जिसमें नेपाल सरकार द्वारा भारत विरोधी बयान पर रोष जताया गया है। संगठन के सदस्यों ने नेपाल द्वारा भारत विरोधी बयानों की निंदा की। कहा कि नेपाल में भारत विरोधी ताकतें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब करने पर तुले हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में विक्की कापड़ी, राकेश, राना, बबलू, विनोद चंद, सतीश, गोविंद, कलुराम, जगदीश यादव, शंकर आदि शामिल थे।