जिला मुख्यालय के पूल्ड आवास क्षेत्र में जापान की तकनीक से जंगल विकसित किए जाएंगे। इस संबंध में वैज्ञानिकों के एक दल ने सोमवार को पूल्ड आवास क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्र की एक एकड़ भूमि को वनीकरण के लिए उपयुक्त पाया। इस स्थान पर हिमालयी मौसम के अनुरूप विभिन्न प्रजाति के करीब डेढ़ लाख पौधे रोपे जाएंगे।
जनवरी में डीएम डॉ. अहमद इकबाल के प्रयासों से चंपावत प्रशासन ने आलाप संस्था से यहां वनीकरण को लेकर करार किया था। अधिकारियों की पहल पर रविवार रात आलाप संस्था की संस्थापक शिवा सेन, कोयंबटूर के वैज्ञानिक संजय मलू, संस्था के निदेशक मानवेंद्र सिंह, हिमाचल चंबा से विशाल, रामगढ़ से भूपेंद्र बिष्ट आदि यहां पहुंचे। सोमवार को दल के सदस्यों ने सीडीओ शैलेंद्र सिंह बिष्ट के साथ क्षेत्र का भ्रमण किया।
शिवा सेन ने बताया कि जून माह से आलाप संस्था चंपावत में जापान की अकीरा मिया बाकी तकनीक से वनीकरण का कार्य शुरू कर देगी। इस विधि के तहत हिमालयी मौसम के अनुरूप बांज, पदम, बुरांश, काफल, रियास, उतीस आदि के 141016 पौधे यहां रोपे जाएंगे। पौधों की देखभाल भी जापानी विधि से ही की जाएगी। तीन साल के भीतर इन पौधों की लंबाई करीब तीन फिट तक पहुंच जाएगी।
वनीकरण को मनरेगा से एक करोड़ मिलेंगे
आलाम संस्था के शिवा सेन ने बताया कि शीघ्र ही पौधों की नर्सरी भी चंपावत में स्थापित की जाएगी। सीडीओ शैलेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि वनीकरण कार्यों के लिए मनरेगा के तहत एक करोड़ की फंडिंग की जाएगी।