जंगलों में आग बढ़ती जा रही है। हालात यह हैं कि धुंध की वजह से लोगों को सांस लेने में भी दिक्कतें होने लगी हैं। आंखों में जलन भी पैदा हो रही है। दावाग्नि से हजारों छोटे-बड़े पेड़ राख के ढेर में तब्दील होते जा रहे हैं। अब तक चार हेक्टेयर जंगल जल चुका है।
आग लगने से जंगली जानवरों के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। रविवार की रात चौकुड़ी, कोयाटी, भुमलाई, बलांई, पाटन कनेड़ा के अलावा बाराकोट के चीड़ के जंगल में आग लगी है। चौकुड़ी में सड़क के दोनों ओर आग लगने से वाहनों के आवागमन में भी दिक्कतें आ रही हैं। फायर कर्मी बाल मुकुंद, मोहन थापा, भूपेंद्र सिंह, परवीन सिंह, हरीश गिरि, सोबरन राणा मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने के काफी प्रयास किए गए, लेकिन भीषण आग के चलते आग पर काबू नहीं पाया जा सका। फायर कर्मियों के लिए आग पर काबू पाने के लिए पानी की व्यवस्था करना चुनौती बना है। फायर हाईड्रेंट और लोहावती नदी में पर्याप्त पानी न होने से वाहन में पानी भरने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।