पेड़ों की गिनती करती वन और राजस्व विभाग की टीम।
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चमरौली गांव में सड़क बनाने के लिए काटे गए बांज के पेड़ों का राजस्व, वन विभाग और वन पंचायत ने शुक्रवार को फिर से संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान काटे गए 120 पेड़ों के खूंट मिले, जबकि दो पुराने खूंट भी पाए गए। टीम ने काटे गए पेड़ों की नापजोख भी पूरी की। ग्रामीणों ने सील गांव के एक व्यक्ति पर उनसे सड़क बनाने के लिए निरापत्ति मांगने की बात कही। साथ ही उसी व्यक्ति पर पेड़ कटवाने का आरोप लगाया।
वन क्षेत्राधिकारी हेम चंद्र गहतोड़ी ने बताया कि संयुक्त निरीक्षण में मौके में 120 नए और दो पुराने काटे गए पेड़ों की खूंट मिली। काटे गए 20 पेड़ 0-10 सेंटीमीटर व्यास, 66 पेड़ 10-20 सेंटीमीटर, 32 पेड़ 20-30 सेंटीमीटर और दो पेड़ 30-40 सेंटीमीटर व्यास के थे। 20 पेड़ों को काटने के लिए उसमें लाल रंग का निशान लगाया गया है। रेंजर का कहना है कि संयुक्त निरीक्षण की रिपोर्ट तहसीलदार और एसडीएम को भेज दी गई है। टीम में वन दरोगा उत्तम नाथ, वन बीट अधिकारी कुंवर सिंह, नाथ सिंह, राजेंद्र जोशी, राजस्व निरीक्षक खुशाल सिंह धौनी, सुनील सिंह और गोविंद बल्लभ शामिल थे। इधर, एसडीएम आरसी गौतम का कहना है कि संयुक्त जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निरापत्ति मांगने वाले व्यक्ति पर ग्रामीणों ने जताया शक
संयुक्त निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों और टीम के बीच हुई बैठक में वन पंचायत के सरपंच अर्जुन सिंह ने सील गांव के एक व्यक्ति पर अवैध रूप से सड़क बनाने और पेड़ काटने का आरोप लगाया। मौलानी, चामी, होते हुए चमरौली वन पंचायत से सील गांव के लिए सड़क बनाने के लिए सील के एक व्यक्ति ने रोड कटिंग की निरापत्ति मांगी थी। लोगों ने उस व्यक्ति पर पेड़ कटवाने का शक जताया। इस मौके पर उमेद सिंह, मोहन चंद्र, बलवंत सिंह, भवानी दत्त, लाल सिंह, रतन सिंह, सुरेश सिंह, गोपाल सिंह, दीपक सिंह, राम सिंह, खीम सिंह, जमन सिंह आदि मौजूद थे।