टनकपुर (चंपावत)। एनएचपीसी द्वारा बसाए गए सैलानीगोठ ग्रामसभा के नईबस्ती गांव की ओर शारदा से हो रहा कटाव नहीं रुक रहा है। एनएचपीसी प्रशासन द्वारा किए जा रहे बचाव कार्य से भी कटाव नहीं रुक रहा है। तेजी से हो रहे कटाव से चिंतित ग्रामीणों ने प्रशासन से सैंड बैग लगाने की बजाय कंक्रीट का तटबंध बनाने की मांग की है।
एनएचपीसी पावर चैनल के पूर्वी छोर पर बसे सैलानीगोठ ग्रामसभा के नईबस्ती गांव की ओर शारदा तेजी से कटाव कर रही है, इससे गांव को खतरा पैदा होने लगा है। शिवालय से लेकर सेना की ऑफिसर्स कॉलोनी तक का हिस्सा कटाव की जद में है। एसडीएम के निर्देश पर एनएचपीसी प्रशासन कटाव रोकने के प्रयास में जुटा हैं।
कटाव स्थल पर एनएचपीसी नायलॉन रस्सी की जाली (शीसनेट) में सैंड बैग भरकर डाले जा रहे हैं, लेकिन कटाव का क्षेत्र लंबा है, जबकि बचाव कार्य सीमित क्षेत्र में हो रहा है। ग्राम प्रधान बसंत राय ने नदी का जलस्तर बढ़ने पर खतरे की आशंका जताई है। उपप्रधान मोहन पांडेय, वार्ड सदस्य केशवी देवी, लक्ष्मी देवी, भुवन चंद्र, लक्ष्मी दत्त आदि ने एनएचपीसी के चीफ इंजीनियर को ज्ञापन सौंपकर सैंड बैग डालने की बजाय कंक्रीट के तटबंध बनाने की मांग की है।
बनबसा (चंपावत)। टनकपुर मंडी परिषद उपाध्यक्ष जसवंत सिंह बसेड़ा ने डीएम को भेजे पत्र में बाढ़ नियंत्रण, भूकटाव रोकथाम की मांग की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के ग्राम पचपकरिया, बमनपुरी, आनंदपुर, चंदनी, देवीपुरा, भैसाझाला, लाटाखल्ला में बरसात में जलभराव और बाढ़ का खतरा रहता है। खतरे से बचने के लिए कुछ ग्रामीणों को बरसात में अपने रिश्तेदारों के घर रहना पड़ता है। कई बार फसल नष्ट हो जाती है। सितंबर में बाढ़ अधिक आती है। उन्होंने प्रशासन से बाढ़ सुरक्षा के लिए भूकटाव रोकने की मांग की है।