होली पर्व के तत्काल बाद शुरू होने वाले उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि धाम मेले की व्यवस्था चाक-चौबंद रखने, मार्ग दुरुस्त करने और तीर्थयात्रियों को बेहतर सेवाएं देने को लेकर विभिन्न विभागों की बैठक में अहम फैसले लिए गए। सभी विभागों को मेले से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा गया।
भैरव मंदिर में हुई मेला तैयारी बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी ने ककराली गेट से ठूलीगाढ़ तक मार्ग दुरुस्त और सड़क किनारे गड्ढों में पत्थर भरान करने, मेला क्षेत्र और पथ प्रकाश व्यवस्था चौकस करने, खराब ट्रांसफार्मर ठीक करने, रिजर्व ट्रांसफार्मर रखने के निर्देश दिए। पेयजल की कमी के चलते नए कनेक्शन देने और नियमित पानी सप्लाई करने, संचार सुविधा चुस्त रखने, बीएसएनएल की फ्रिक्वेंसी बढ़ाने, शौचालयों, आवासों की साफ-सफाई करने को कहा। दो एलोपैथिक, एक आयुर्वेदिक स्वस्थ कैंप स्थापित करने और दुकानों में फर्स्टएड सुविधा रखने, यात्रियों को जंगली हाथियों से बचाव के उपाय के लिए वन विभाग को निर्देशित किया गया। यात्रियों के आवागमन के लिए टैक्सी यूनियन, प्राइवेट बसों और रोडवेज से रोस्टर निर्धारित करने को कहा गया।
बैठक में मेला कमेटी अध्यक्ष किशन तिवारी, सीडीओ हरगोविंद भट्ट, एसडीएम एनसी दुर्गापाल, सीएमओ विनोद टोलिया, सीएमएस भरत सिंह ह्यांकी, डा. महेंद्र गर्ग, डा. उमा शंकर, अधिशासी अभियंता पीसी करगेती, डीओ पीआरडी हरीश जोशी, जिला पंचायत के एएमए शेर सिंह परगाईं, व्यापार संघ अध्यक्ष भुवन चंद्र पांडेय, एआरटीओ वीके सिंह, एसडीओ वन बी सिंह, राजेश श्रीवास्तव, एसडीओ विद्युत बीएम भट्ट, ईओ नगरपालिका एससी जोशी आदि मौजूद थे।
पुलिस, एसएसबी के जिम्मे रहेगी सुरक्षा
मेले के दौरान शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए एसपी डीएस कुंवर ने पुलिस और एसएसबी को समन्वय बनाकर चलने पर जोर दिया। ठूलीगाढ़ चेकपोस्ट में दुकानों का सामान, पूजा सामग्री, यात्रियों के सामान की गहन चेकिंग, दुकानों पर रेट लिस्ट लगाने, सुरक्षा को सीसी टीवी लगाने और यात्रियों की बायोमैट्रिक चेकिंग के निर्देश दिए।