चंपावत में विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) अनुज कुमार संगल की अदालत ने ढाई साल पुराने गलत नीयत से छेड़छाड़ के मामले में फैसला सुनाया है। आरोपी त्रिलोक सिंह बोहरा को दोषी करार देते हुए पांच साल के साधारण कारावास की सजा दी गई है। अदालत ने उस पर 47 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जुर्माने की राशि अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस अर्थदंड में से 30 हजार रुपये पीड़िता के खाते में जमा किए जाएंगे। अभियोजन पक्ष ने मामले में नौ गवाह पेश किए थे।
यह मामला नवंबर 2024 का है। वादी ने रीठासाहिब थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में आरोप लगाया था कि त्रिलोक सिंह बोहरा उनकी 15 वर्षीय भतीजी को अश्लील बातें कर परेशान करता था। आरोपी ने घर में घुसकर किशोरी के साथ अश्लील हरकत और छेड़खानी की। विरोध करने पर उसने किशोरी की मां को थप्पड़ मारा था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी।
विभिन्न धाराओं में सजा
अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 के तहत पांच वर्ष का साधारण कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माना सुनाया। धारा 115(2) के तहत एक वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना तय किया गया। धारा 333 के तहत तीन वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त, धारा 351(2) के तहत एक वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना भी शामिल है। धारा 352 के तहत छह माह का कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
सजाएं एक साथ चलेंगी
अदालत ने आदेश दिया है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इसका अर्थ है कि दोषी को कुल पांच साल का कारावास भुगतना होगा। यदि दोषी जुर्माना जमा नहीं करता है, तो उसे संबंधित धाराओं के तहत अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। यह फैसला ढाई साल पुराने मामले में आया है।