चंपावत। सिद्ध बाबा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मछली पालन से आत्मनिर्भर बन रही हैं। समूहों की प्रत्येक महिला मछली पालन कर हजारों की आय अर्जित कर रही है। ढठी गांव की आठ महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाते हुए सामूहिक रूप से 2023 में मछली पालन का काम शुरू किया। इसके बाद महिलाओं को वर्ष 2024 में समूह को रीप परियोजना की जानकारी मिली।
परियोजना के माध्यम से उन्हें मछली पालन के लिए 10 लाख का ऋण दिया गया। मानकानुसार अनुदान के रूप में छह लाख रुपये की राशि दी गई जबकि तीन लाख रुपये के लिए परियोजना के सहयोग से बैंक ऋण मिला। एक लाख रुपये महिलाओं ने स्वयं के अंशदान से लगाए। परियोजना की सहायता के बाद उन्होंने नौ नए तालाबों का निर्माण कराया और इनमें रेनबो ट्राउट, महाशीर और कार्प मछली पालना शुरू किया।
रीप परियोजना ने आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। सीजन में लाखों की मछली बेचकर हजारों की कमाई हो जाती है। रीप परियोजना महिलाओं को सशक्त बनाया है। - रेखा देवी, अध्यक्ष, सिद्ध बाबा स्वयं सहायता समूह
रीप परियोजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है। परियोजना के माध्यम से गांव की महिलाओं को समूह के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। - मनीष कुमार, डीएम, चंपावत