भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बनबसा में रविवार को पहली बार राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की जा रही है। एनएचपीसी परिसर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हो रही बैठक के जरिए सरकार ने शासन को दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने की पहल की है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कैबिनेट बैठकें अब केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भी आयोजित की जाएंगी। इससे स्थानीय समस्याओं, विकास की संभावनाओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को सीधे शासन के सामने रखने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र केवल राज्य की भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि सुरक्षा, संस्कृति और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकार का जोर सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में कैबिनेट बैठकें होने से स्थानीय परिस्थितियों और जन अपेक्षाओं को समझने तथा विकास की जरूरतों पर त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी। सीमांत गांवों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक संतुलित विकास राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है।
बनबसा में उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक शुरु, ये मंत्री रहेंगे शामिल
बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा, धन सिंह रावत, चम्पावत जिले के प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, गणेश जोशी, राम सिंह कैड़ा, रेखा आर्या, खजान दास, मदन कौशिक सहित मुख्य सचिव आनंद वर्धन, शैलेश बगौली, आर के सुधांशु, डॉ. वी. षनमुगम, पहुंचे हैं। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, आईजी निवेदिता कुकरेती सहित चम्पावत के डीएम, एसएसपी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर हैं।