चंपावत। जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में दीपावली उल्लास से मनाई गई। इस दौरान छिटपुट आगजनी को छोड़ पर्व शांतिपूर्ण तरीके से मना। पुलिस फोर्स और अग्निशमन विभाग की टीम पूरी रात सुरक्षा को लेकर मुस्तैद रही। इस बार पिछले वर्षों की अपेक्षा आतिशबाजी और शोर-शराबा कम हुआ।
लोगों ने दीयों और बिजली की झालरों से घरों को सजाया था। पीएमएस डॉ. आरके जोशी ने बताया कि जिला अस्पताल में आतिशबाजी से झुलसने वाला कोई मामला सामने नहीं आया। वहीं, लोहाघाट, पाटी, रीठा साहिब, बाराकोट, रीठाखाल, देवीधुरा, पुलहिंडोला, रौंसाल, चौमेल, खेतीखान, बर्दाखान टनकपुर, बनबसा आदि स्थानों पर दीपावली उल्लास के साथ मनाई गई।
आतिशबाजी में 40 प्रतिशत की कमी रही
चंपावत। जिले में दीपावली पर्व पर आतिशबाजी के कारोबार में 40 प्रतिशत गिरावट आई। इस बार बमुश्किल 35 लाख रुपये का कारोबार हुआ, जबकि पिछले साल ये आकड़ा 75 लाख से अधिक था। बनबसा के बर्तन बिक्र्रेता दिलेराम जोशी, विजय अग्रवाल आदि ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा सील होने का असर कारोबार पर पड़ा है। मिष्ठान विक्रेता परमजीत सिंह गांधी, किशन कापड़ी, संजू ठाकुर आदि ने पूर्व की भांति कारोबार नहीं होना बताया। व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी, महामंत्री संजय पारीक, पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह गांधी, संजय अग्रवाल ने बताया कि इस बार का दीपावली पर्व कारोबारियों के लिए निराशाजनक ही रहा।
मुस्तैद रही आपात सेवा 108 एंबुलेंस, 8 केस आए
चंपावत। लक्ष्मी पूजन में शनिवार को आपात चिकित्सा सेवा 108 एंबुलेंस पूरी तरह मुस्तैद रही। चंपावत जिले की सभी पांचों सेवाएं मुस्तैद थी। 108 के जिला समन्वयक भास्कर शर्मा ने बताया कि इस अवधि में कुल आठ लोगों ने इस सेवा का उपयोग किया। लेकिन इसमें से एक भी मामला झुलसने का नहीं था। जो भी केस आए गर्भवती महिलाओं और अन्य परेशानियों से संबंधित थे। चंपावत से दो और लोहाघाट तथा टनकपुर से तीन-तीन कॉलें आईं। रीठा सहिब और पाटी एंबुलेंस में कोई कॉल नहीं आए। पिछले साल लक्ष्मी पूजन के दिन 10 कॉलें आई थीं।
बाजार में पसरा रहा सन्नाटा
चंपावत। दीपावली पर्व के अगले दिन रविवार को बाजार में अमूमन सन्नाटें में डूबे रहे। चंपावत, लोहाघाट के बाजार में अधिकांश वक्त सन्नाटा पसरा रहा। कम दुकानें खुलने से जिला मुख्यालय चंपावत से होकर गुजरने वाले यात्रियों को भी असुविधा हुई। अधिकांश दुकानदारों के पर्व मनाने अपने घर जाने से बाजार में सन्नाटा था। ज्यादातर एटीएम में भी नगदी नहीं थी। पहाड़ से मैदान जाने वालों को भी बसों और टैक्सियों की कमी की वजह से परेशानी झेलनी पड़ी।
गोवर्द्धन पूजन : गायों की आरती उतारी, फूल-मालाएं पहनाईं
चंपावत/लोहाघाट। जिले के विभिन्न हिस्सों में गोवर्द्धन पूजा परंपरागत उल्लास से मनाई गई। इस दौरान लोगों ने गायों का पूजन किया और विभिन्न पकवान खिलाकर आशीर्वाद लिया। रविवार को नेपाल सीमा से लगे मड़ पसौली गांव के मां कामधेनु वात्सल्य सेवाधाम ट्रस्ट में गोवर्द्धन पूजा हुई। ट्रस्ट के संचालक शंकर दत्त पांडेय ने गायों को सजाने संवारने के बाद आरती उतारी और फूलों की मालाएं पहनाईं। इस मौके पर गायों को विशेष पकवान, प्रसाद, फल, मिठाई भी खिलाई गई। शंकर पांडेय ने बताया कि पिछले दस सालों से विभिन्न स्थानों में लोगों द्वारा छोड़ी गई गायों की सेवा कर रहे हैं। इस वक्त यहां 150 से अधिक गायों की देखरेख की जा रही है।
एसडीएम हिमांशु ने पत्नी संग गरीबों के साथ मनाई दीपावली
टनकपुर (चंपावत)। दीपावली पर्व पर लोग अक्सर अपने घरों को सजाने को कोई कोर कसर नहीं छोड़ते, लेकिन समाज में ऐसे लोग भी हैं जो दूसरों के घरों को रोशन कर दीपावली मनाते हैं। ऐसे ही लोगों में शामिल हैं टनकपुर में तैनात एसडीएम हिमांशु कफल्टिया और वित्त मंत्रालय दिल्ली में तैैनात उनकी सहायक आयकर आयुक्त पत्नी गुंजन शर्मा कफल्टिया।
शनिवार को दीपावली पर दोनों पति-पत्नी ने 50 से अधिक गरीबों के घरों में जाकर दीपावली किट (मोमबत्ती, दिये, तेल, रूई, मिठाई) बांटकर गरीबों के घरों को रोशन कर मिसाल पेश की। एसडीएम हिमांशु का कहना है कि दीपावली और होली जैसे पारंपरिक पर्वों को उनका परिवार गरीबों के साथ मनाता आया है। संवाद
टनकपुर में दीपावली के दिन आतिशबाजी का लुत्फ उठातीं महिलाएं।- फोटो : CHAMPAWAT
टनकपुर में अनार जलाती महिलाएं और बच्चें।- फोटो : CHAMPAWAT