चंपावत/लोहाघाट। मानेश्वर, पुलहिंडोला, लधिया घाटी सहित जिले के कई इलाकों में बीते 24 घंटे में आग लगी। कुल 4 हेक्टेयर जंगल इससे प्रभावित हुआ। पुलहिंडोला और मानेश्वर के जंगलों में धधकी आग को काबू करने के लिए फायरब्रिगेड की मदद ली गई। लीडिंग फायरमैन रमेश सिंह के नेतृत्व में पुलहिंडोला के जंगल में शुक्रवार की रात को लगी आग को काबू किया गया, जबकि मोहन सिंह थापा के नेतृत्व में मानेश्वर क्षेत्र में लगी आग बुझाई गई।
फायर सीजन में अब तक 43 हेक्टेयर जंगल आग की चपेट में आ चुका है। चंपावत के वन क्षेत्राधिकारी बीएम टम्टा ने बताया कि विभागीय कर्मी, फायर वॉचर और गांव वाले मिलकर आग बुझाने के काम में जुटे हैं। लधिया घाटी समेत रमक, मंगललेख, मूलाकोट क्षेत्र, कजीना पुनौली, बाराकोट, रौंसाल, पंचेश्वर घाटी के जंगल धधकते आ रहे हैं।
चंपावत। जंगल की आग से लोगों की सेहत पर भी असर पड़ रहा है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। जंगल की आग की वजह से आसमानी धुंध से काफी लोगों को सांस, एलर्जी, आंखों में जलन आदि की दिक्कतें बढ़ रही है। जिला अस्पताल के सर्जन डा.आरपी खंडूरी ने बताया कि इनसे जुड़े मरीजों की संख्या इन दिनों तकरीबन दोगुनी हो रही है। पिछले सप्ताह तक ये संख्या 7 थी।
लोहाघाट। चौमला, शिवराज फर्त्याल, सलना, त्यारसों, डुंगरी फर्त्याल, कलचौड़ा के लोगों ने नरसिंह डांडा क्षेत्र से उनके गांव की ओर बढ़ रही दावाग्नि को रोकने के लिए चार किलोमीटर लंबी फायर लाइन तैयार की।
इस कार्य में सूबेदार नंदन सिंह, रघुवर मुरारी, संदीप, मनोज, संजय, प्रताप, कैलाश, बबीता, रेनू, हेमा, गीता, शांति आदि में जुटे। क्वैराला घाटी में पैरा लीगल वालंटियर डा.प्रकाश जोशी शूल और खेतीखान में रिटायर्ड प्रधानाचार्य सीएल वर्मा लोगों को जंगल की आग को बुझाने को प्रेरित कर रहे हैं।