लोहाघाट (चंपावत)। चंपावत जिले में लोहाघाट, पाटी, बाराकोट, चंपावत ब्लॉक के पर्वतीय क्षेत्र में आग की घटनाओं से निपटने का जिम्मा लोहाघाट फायर स्टेशन पर है। फायर स्टेशन के अधीन बड़ा क्षेत्र होने के कारण संबंधित कर्मियों को आपात स्थिति में समय पर पहुंचने में कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
तीनों विकासखंड में अग्निकांड और आपदा से निपटने वाला अग्निशमन केंद्र स्थापना के 18 वर्ष बाद भी कर्मचारियों के आवासीय भवनों के लिए जूझ रहा है। अग्निशमन कर्मियों के लिए आवासीय भवन न होने से उन्हें किराये पर रहना पड़ रहा है। कई कर्मचारी थाने की पुरानी बैरक में रहने के लिए मजबूर हैं। फायर स्टेशन कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है।
फायर स्टेशन के तहत 64 किमी का इलाका
लोहाघाट (चंपावत)। फायर स्टेशन के अधीन अमोड़ी, चंपावत, देवीधुरा, वालिक, पाटी, रीठासाहिब, तामली मंच, पंचेश्वर, बाराकोट, सिमलखेत, घाट, पनार क्षेत्र आता है। यह सभी स्थान फायर स्टेशन से करीब 30 से 64 किमी की दूरी पर हैं। अधिक दूरी के कारण अग्निशमन कर्मियों को मौके पर पहुंचने में देर हो जाती है।
20 साल पुराने हैं फोम और वाटर टेंडर
लोहाघाट (चंपावत)। अग्निकांड की घटनाओं से निपटने के लिए फायर स्टेशन में एक वाटर टेंडर, एक फोम टेंडर, एक हाई प्रेशर, एक वाटर मिस्ट, एक बैक पैक सेट बुलेट मोटरसाइकिल है। इसमें से फोम टेंडर और वाटर टेंडर करीब 20 साल पुराने हैं। इन्हें रखने के लिए स्थायी गैराज तक नहीं है।
फायर स्टेशन में फायर सर्विस ऑफिसर के अलावा फायरमैन के 11 पद खाली हैं। शेष 15 फायरमैनों में से दो नैनीसैनी हवाई अड्डे और एक 112 हाईवे पेट्रोल टीम से संबद्ध है। चार चालक तैनात हैं, इनमें से थाना या पुलिस लाइन की ओर से ड्यूटी लगने पर चालकों की कमी हो जाती है। आवासीय भवनों, बैरक और मैस के लिए फायर मुख्यालय को पत्रावली भेजी गई हैं। - श्याम बहादुर थापा, अग्निशमन द्वितीय अधिकारी, लोहाघाट।