लोहाघाट और काली कुमाऊं के जंगल धू-धूकर जलने लगे।
- फोटो : लोहाघाट
लोहाघाट (चंपावत)। लंबे समय से बारिश न होने और लगातार बढ़ रही तपिश के कारण जंगलों में आग लगने लगी है। वन क्षेत्र लोहाघाट और काली कुमाऊं के जंगल धू-धूकर जलने लगे हैं। वन विभाग ने दमकल कर्मियों की मदद से आग पर काबू पाया।
झलानदेव के जंगलों में शुक्रवार शाम आग लगी। सरपंच और आसपास के लोगों ने पहले आग को बुझाने का प्रयास किया लेकिन काबू न पाने पर दमकल विभाग और वन विभाग को घटना की सूचना दी। दमकल विभाग के अग्निशमन द्वितीय अधिकारी श्याम बहादुर थापा के नेतृत्व में गई टीम ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद जंगल की आग पर काबू पाया। दमकल कर्मियों ने दमकल वाहनों के जरिये पानी का छिड़काव कर आग पर काबू पाया।
बाराकोट ब्लाॅक के ग्राम सभा बैड़ा बैड़वाल, रैघांव के ऐड़ीधुरा और रावलगांव के सूराकोट में जंगल धधक रहे हैं। इस कारण चारों ओर धुआं छा गया। आग से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा। लोगों का कहना है कि हरे-भरे जंगल जलने से वन्यजीवों को भी परेशानी हो रही है। लोगों ने बताया कि बारिश न होने के कारण हल्की सी चिंगारी भी आग का कारण बन रही है। काली कुमाऊं क्षेत्र के रेंजर राजेश कुमार ने बताया कि बाराकोट क्षेत्र के जंगलों में लगी आग बुझाने के लिए वन विभाग की टीम को भेज दिया गया है।