फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कूड़े के ढेर में लगी आग, आसपास फैला धुआं

विज्ञापन
चंपावत के कूड़ेघर में लगी आग से छाया धुआं। - फोटो : CHAMPAWAT
विज्ञापन
चंपावत। यहां से चार किमी दूर खेतीखान मोटर मार्ग पर सेलाखोला के पास कूड़े के ढेर में लगी आग से आसपास के इलाके में धुआं फैल गया। इसके चलते चंपावत-खेतीखान सड़क पर आवाजाही करने वाले लोगों को दुश्वारी झेलनी पड़ी। वहीं पालिका का कहना है कि आग लगाने वाले कुछ शरारती तत्व हो सकते हैं।
विज्ञापन

ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं होने से चंपावत नगर क्षेत्र का कूड़ा सेलाखोला में फेंका जाता है। सोमवार सुबह से कूड़ेघर से लगी आग से आसपास के काफी हिस्से में धुआं और धुंध छा गया है। इससे तपिश बढ़ने के साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। दुर्गंध और धुएं की वजह से इस मार्ग से आवाजाही करने वालों को भी दिक्कत हो रही है। नगर पालिका के ईओ अभिनव कुमार का कहना है कि आग शरारती तत्वों द्वारा लगाई गई है। पहचान कर ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ईओ ने दावा किया कि आग पर काबू पा लिया गया है। इस कूड़ेघर में बीते दो वर्ष में सात बार आग लग चुकी है। सेलाखोला वन पंचायत के सरपंच और राज्य वन पंचायत परिषद के सदस्य कैलाश अधिकारी ने आग लगाने वालों पर कार्रवाई और आगजनी की वारदातों पर लगाम लगाने की मांग की है।
खतरनाक है आग का धुआं: सीएमओ
चंपावत। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि आग के धुएं और धुंध से निकलने वाली हानिकारक गैसें छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। इससे बैचेनी के अलावा सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, एलर्जी के खतरे बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन

जंगलों में लगी आग की चपेट में घास के दस लुट्टे जले
लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट ब्लॉक के पम्दा और झिरकुनी के जंगल में आग की चपेट में आने से दस घास के लुट्टे जल गए हैं। सोमवार सुबह से ही पम्दा और झिरकुनी के जंगलों में आग लगी थी। धीरे धीरे आग शाम तक निगाली गाड़ तक पहुंच गई। लोग दिन भर आग को बुझाने का प्रयास करते रहे। इस दौरान आग आवासीय भवनों के समीप तक पहुंच गई।
लड़ीधूरा शैक्षिक एंव सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष नगेंद्र जोशी ने बताया कि आग की चपेट में आने से ग्रामीणों के दस घास के लुट्टे जल गए। इसमें गिरधारी प्रसाद और चनी देवी के तीन-तीन और निर्मला देवी के दो लुट्टे जलकर राख हो गए हैं। नगेंद्र ने घास के लुट्टों के जलने से ग्रामीणों को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। आग बुझाने में हिमांशु टम्टा, गिरधारी प्रसाद, पंकज टम्टा, उमेश राम, तुलाराम आदि ने सहयोग किया। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें