चंपावत में कूड़े के ढेर में लगी आग।
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जिला मुख्यालय में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यून (एनजीटी) के निर्देशों को हवा में उड़ाया जा रहा है। यहां ललुवापानी रोड पर नगरपालिका की ओर से फेंके गए कूड़े में पिछले तीन दिन से लगी आग अब तक धधक रही है। लेकिन किसी को इससे कोई लेना देना नहीं है।
तीन दिनों से कूड़े के ढेर से उठ रहे धुएं से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचने के साथ ही आसपास के लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है। पहले दिन कूड़े के ढेर में आग लगने की सूचना पर पालिका ने उसे मिट्टी डालकर बुझाने का प्रयास किया, लेकिन पिछले तीन दिनों से नगर पालिका इसकी अनदेखी कर रही है।
सेलाखोला वन पंचायत के सरपंच कैलाश अधिकारी का कहना है कि पालिका के कूड़े से पंचायत का अधिकांश जंगल नष्ट हो गया है। पहले तो लोग कूड़े की सड़ांध से परेशान थे, अब उसमें आग लगने से उसका धुआं लोगों के घरों तक पहुंच रहा है।
नगर पालिका अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार का कहना है कि पहले दिन आग बुझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन कूड़े के ढेर में प्लास्टिक की मात्रा ज्यादा होने से आग अंदर ही अंदर सुलगती रही। उन्होंने कहा कि पालिका की ओर से कूड़े के ढेर में आग लगाने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।