बनबसा (चंपावत)। बनबसा के पचपकरिया गांव में बने उर्वरक गोदाम (खाद बिक्री केंद्र) का उपयोग नहीं हो पा रहा है। लंबे समय से बंद उर्वरक गोदाम रखरखाव के अभाव में खस्ता हाल हो चुका है। किसानों ने इस गोदाम से खाद बिक्री शुरू किए जाने की मांग की है।
बनबसा में लंबे समय से किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए चंदनी गांव में किराये की दुकान से खाद बिक्री की जा रही है। पचपकरिया गांव के पंचायत घर के निकट वर्ष 20021-22 में उर्वरक गोदाम की स्थापना की गई लेकिन यहां से अब तक खाद की बिक्री शुरू नहीं की जा सकी है जिससे किसानों में रोष है। किसानों को खाद खरीद के लिए चंदनी जाना पड़ता है।
प्रधान नेहा बसेड़ा ने प्रशासन से जल्द इस गोदाम से ही खाद की बिक्री शुरू कराने की मांग की है। पूर्व कृषि उत्पादक मंडी समिति उपाध्यक्ष जसवंत बसेड़ा ने बताया कि कई गांव के किसानों के लिए चंदनी स्थित खाद की दुकान दूर पड़ने से उन्हें आवागमन में काफी अधिक खर्च करना पड़ता है। प्रगतिशील किसान पुष्कर दत्त कापड़ी, हेमेंद्र सिंह रावत ने कहा कि निर्माण के बाद से गोदाम बंद पड़ा है। लाखों रुपये का भवन बेकार साबित हो रहा है। कैप्टन वीरेंद्र रजवार, कैप्टन हरीश कापड़ी, युजिन जार्ज, पूर्व प्रधान दीपक प्रकाश चंद, माल देवी आदि ने पचपकरिया स्थित उर्वरक गोदम में खाद बिक्री शुरू करने की मांग की है।
कोट
पचपकरिया स्थित उर्वरक गोदाम तक सड़क के अभाव में 12 टायरा ट्रक नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्रशासन से वहां सड़क निर्माण कराने की मांग की गई है। गोदाम स्थल की सफाई शुरू करा दी गई है। - अपर्णा, सचिव साधन सहकारी समिति टनकपुर, बनबसा