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कोरोना संक्रमण का भ्रम : सवाल पूछ रहे ग्राहक- "ये काफल किस गांव के हैं भाई साहब!"

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लोहाघाट में काफल बेचते दुकानदार। - फोटो : AMAR UJALA
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नवल जोशी (संवाद), लोहाघाट (चंपावत)। भाई साहब! ये दूध, काफल, सब्जी कहां से आई है? सही-सही बताना। ये सवाल बाजार से सामान खरीदने वाले ग्राहक अक्सर दुकानदारों से पूछ रहे हैं। इस सवाल में कोई रहस्य नहीं, बल्कि कोरोना महामारी का खौफ और भ्रम है। दरअसल, क्षेत्र के कई लोग कोरोना से संक्रमित हैं और एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इससे डरे, सहमे लोग अब गांवों से आने वाले विभिन्न उत्पादों को लेने में बेहद सतर्कता बरत रहे हैं। कोरोना संक्रमित गांवों और उसके आसपास के इलाकों के सामान को खरीदने से परहेज कर रहे हैं। इतना ही नहीं, इन गांवों के मजदूरों को काम मिलने में भी दिक्कतें आ रही है। लोग बहाना बनाकर उन्हें काम पर आने से मना कर रहे हैं। इससे इन ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था भी डगमगाने लगी है। इन ग्रामीण क्षेत्रों से लोहाघाट नगर में बड़ी मात्रा में दूध, सब्जी, मौसमी फल काफी आदि बाजार लाए जाते थे। कोरोना संक्रमण ने इन ग्रामीणों की रोजी-रोटी पर बड़ा असर डाला है। वर्षो से दूध लेने वाले लोग भी कुछ न कुछ बहाना बनाकर दूध बंद करा रहे हैं। साथ ही गांव के छोटे बच्चों के लिए मददगार काफल को भी लोग लेने से इंकार कर रहे हैं। --- नाम से बिकते थे काफल :: काफल की दुकान चलाने वाले गिरीश बगौली, गोपाल पुनेठा बताते हैं कि इस सीजन में विगत वर्षो तक उनके ठेले में काफलों की काफी मांग रहती थी। पहले तक लोग उन खास गांवों का नाम लेकर काफल खरीदते थे, मगर अब हाल यह है कि उन्हीं गांवों के काफल को खरीदने से लोग कतरा रहे हैं। लोग काफल लेने से पहले पूछ रहें हैं कि भाई साहब ये काफल कहां से आए हैं? ---::: घबराए नहीं, फलों से नहीं फैलता संक्रमण ::: "किसी भी स्वस्थ व्यक्ति या उनके द्वारा लाए गए दूध, सब्जी, फलों से कोरोना का संक्रमण नहीं फैलता है, जो व्यक्ति इन उत्पादों को लाता है, अगर वह सामान्य है तो इसे लेने में कोई दिक्कत नहीं है। हां खांसी, जुकाम व अन्य बाहरी लक्षण दिखने वाले लोगों से उत्पाद लेने से एहतियात बरतें। इनसे कोरोना फैलने का खतरा हो सकता है।" - डॉ. मंजीत सिंह, चिकित्साधीक्षक, उप जिला अस्पताल, लोहाघाट। -----::: गलतफहमियां दूर करने की जरूरत :::: "कोरोना पॉजिटिव पाए जाने वाले व्यक्तियों के गांवों के अन्य लोगों की सब्जी, फल, दूध न लेने की बात सामने आ रही है। ये बिल्कुल ठीक नहीं है। लोगों के मन में बैठे कोरोना के डर और गलतफहमियों को को दूर करने के लिए जागरूक किया जाएगा।" -आरसी गौतम, एसडीएम, लोहाघाट।
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सीएमएस डाँक्टर मंजीत सिंह। - फोटो : AMAR UJALA
सीएमएस डाँक्टर मंजीत सिंह।
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