बनबसा गन्ना सेंटर में मौजूद किसान और सेंटर प्रभारी आदि।
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गन्ना खरीद केंद्र पर किसानों ने तोल कांटे को गलत बताकर घटतोली का आरोप लगाया। किसानों के हंगामे से कुछ समय के लिए गन्ने की तोल नहीं हो पाई। बाद में हुई वार्ता के बाद किसान मान गए और तोल सुचारु हो गई। क्षेत्र से बाहर होने के कारण एसडीएम ने गन्ना तोल केंद्र की जांच कराने की बात कही है। गन्ना खरीद केंद्र प्रभारी राम किशन ने तोल कांटे को सही बताया।
क्षेत्र के गन्ना किसान गन्ना लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियों को बाहरी कांटे पर तोल करा जब सेंटर के कांटे पर पहुंच रहे हैं तो वहां तोल में दो से ढाई क्विंटल का अंतर निकल रहा है। बृहस्पतिवार को गन्ना किसानों ने गन्ना तोल सेंटर के कांटे को गलत बताकर घटतोली का आरोप लगाया। पूर्व बीडीसी सदस्य और गन्ना किसान दिनेश कापड़ी ने बताया कि उनके द्वारा स्थानीय धर्मकांटे पर गन्ना ट्रॉली की तोल कराने के बाद जब वे गन्ना सेंटर पहुचे तो वहां के कांटे की तोल पूर्व की अपेक्षा दो क्विंटल कम निकली। किसान दानी चंद, तेजा सिंह ने भी गन्ना खरीद केंद्र के कांटे पर संदेह जताया है।
तोल को लेकर गन्ना किसानों और खरीद केंद्र प्रभारी के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में गन्ना किसानों और केंद्र प्रभारी के बीच हुई वार्ता के बाद गन्ने की तोल सुचारू हो गई। उधर किच्छा शुगर मिल के गन्ना प्रबंधक वृंदावन यादव ने तोल कांटे को सही बताते हुए कहा कि कांटा केवल पचास क्विंटल तोल के लिए ही सक्षम है। इस संबंध में किसानों ने एसडीएम एएस गर्ब्याल को गन्ना सेंटर के तोल कांटे में कमी होने की सूचना दी। उन्होंने क्षेत्र से बाहर होने की बात कहकर कांटे की जांच कराने का भरोसा दिया है।